सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : चेन्नई: तमिलनाडु के बिजली और कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने सोमवार, 26 अक्टूबर को डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) सरकार के प्रदर्शन और बाल सुरक्षा रिकॉर्ड पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार वे खो चुके हैं।

The Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, निर्मल कुमार ने स्टालिन के नेतृत्व वाली पिछली डीएमके सरकार पर कथित प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोप लगाए। मंत्री की यह टिप्पणी तमिलनाडु में बाल सुरक्षा, शासन और जवाबदेही को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आई है।

विवाद ने स्कूल सुरक्षा प्रक्रियाओं और बच्चों से जुड़े मामलों के निपटारे को लेकर उठ रहे सवालों को फिर केंद्र में ला दिया है। निर्मल कुमार ने मौजूदा प्रशासन की आलोचना करने में डीएमके की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया और कहा कि सत्ता में रहते हुए उसके अपने रिकॉर्ड की भी जांच होनी चाहिए।

यह बयानबाजी डीएमके और टीवीके के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को दिखाती है, जहां दोनों पक्ष जन सुरक्षा और शासन के मुद्दों पर एक-दूसरे को घेर रहे हैं। स्टालिन ने कथित प्रशासनिक विफलताओं और महिलाओं तथा बच्चों के खिलाफ अपराधों सहित अपराधों को लेकर टीवीके सरकार की आलोचना की है।

निर्मल कुमार की टिप्पणियां इन्हीं आरोपों पर सत्तारूढ़ पक्ष की प्रतिक्रिया मानी जा रही हैं। हालांकि, इस राजनीतिक विवाद में लगाए गए आरोपों को संबंधित दलों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि स्वतंत्र रूप से स्थापित निष्कर्षों के तौर पर।

यह बहस तमिलनाडु की राजनीति में बाल संरक्षण, स्कूल सुरक्षा और सरकारी जवाबदेही को केंद्र में बनाए रख सकती है।


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