आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : I.N.D.I.A नेताओं की पांचवीं बैठक आज (19 नवंबर) को दिल्ली के एक होटल में कुछ ही देर में शुरू होगी। इसमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे। बैठक में सपा नेता अखिलेश यादव, दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश, फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और RLD से जयंत चौधरी मौजूद रहेंगे।

बैठक से पहले कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए 5 मेंबर्स की नेशनल एलायंस कमेटी बना दी। अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, सलमान खुर्शीद और मोहन प्रकाश इसके मेंबर्स हैं, मुकुल वासनिक को कमेटी का संयोजक बनाया गया।

सामना ने लिखा- गठबंधन को संयोजक की जरूरत

बैठक से पहले शिवसेना के मुखपत्र सामना ने लिखा, “हमारे पास प्रधानमंत्री पद के लिए बहुत सारे चेहरे हैं चॉइस ही चॉइस है, यह कहना केवल दिल बहलाने के लिए ख्याल अच्छा है। इंडिया गठबंधन को एक समन्वयक की जरूरत है, एक चेहरे की जरूरत है। 19 तारीख की बैठक में निर्णय लेना होगा और उसके बाद ही अगला कदम उठाना होगा। 2024 के लिए इंडिया ब्लॉक का चेहरा कौन? मोदी के सामने कौन? इन सभी सवालों का जवाब देना होगा।”

कांग्रेस जीत का केक अकेले खाना चाहती है: सामना

“पांच राज्यों में हुए चुनाव में तीन राज्य इंडिया ने नहीं बल्कि कांग्रेस ने गंवाए, कांग्रेस जीत का केक अकेले खाना चाहती थी इसलिए राज्य की छोटी पार्टियों को गठबंधन से दूर रखा गया, मध्य प्रदेश में अखिलेश यादव को जानबूझकर दूर रखा गया।

अब ऐसा कहा जाने लगा है कि जहां कांग्रेस खुद के दम पर जितने की संभावना रखती है वहां पर वह किसी और को साथ लेने को तैयार नहीं होती और अपने अहंकार के साथ-साथ इंडिया का भी नुकसान करती है।”

लेख में कांग्रेस को नसीहत- गठबंधन का महत्व समझें

“कांग्रेस को युति का महत्व समझना चाहिए। यह अच्छा है कि कांग्रेस ने इस बैठक की पहल की, लेकिन यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस के निमंत्रण का सम्मान करते हुए कितने बाराती और कितने बैंड वाले जुटते हैं। अरविंद केजरीवाल की पार्टी के कई प्रमुख नेता जेल में हैं ऐसे में कांग्रेस को एक बड़े भाई के तौर पर आगे आकर जज्बा दिखाना चाहिए।

दिल्ली में सिर्फ इकट्ठा होना, दोपहर का भोजन करना और सबके हाथ पोंछकर कर घर चले जाने की व्यवस्था में अब सुधार होना चाहिए।”

पांच राज्यों के चुनाव नतीजों और सीट शेयरिंग पर बात होगी

इस बैठक में पांच राज्यों के चुनावी नतीजों पर चर्चा संभव है। वहीं, विपक्षी दलों के बीच लोकसभा चुनाव की रणनीति और सीट शेयरिंग पर बात हो सकती है। सीट शेयरिंग कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा पॉइंट हो सकता है, क्योंकि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद ममता ने शीट शेयरिंग सवाल उठाए थे। मीटिंग में 18 दिसंबर को 78 सांसदों के निलंबन पर भी बात हो सकती है।