आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : हिमाचल प्रदेश के ट्राइबल जिला किन्नौर में ट्रैकिंग और पर्वतारोहण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। किन्नौर के DC तोरुल एस रवीश ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। इसके बाद जिला के किसी भी ट्रैक पर ट्रैकिंग व पर्वतारोहण की इजाजत नहीं दी जाएगी।

गौरतलब है कि किन्नौर जिला में ट्रैकिंग के लिए देश व दुनिया भर से ट्रैक्टर पहुंचते हैं। मगर किन्नौर जिला की ऊंचे चोटियों पर बर्फबारी के कारण ट्रैकिंग कई बार खतरनाक साबित हो सकती है। अधिक ऊंचे क्षेत्रों में खासकर बर्फबारी के कारण ट्रैक्टरों के फंसने का रिस्क बना रहता है। कई बार ट्रैकर रास्ता भी भटक जाते हैं। इससे हर वक्त अनहोनी होने का भय बना रहता है।

अनहोनी न हो, इसलिए SDMA के तहत लिया निर्णय

बर्फबारी के बाद अधिक ऊंचे क्षेत्रों में कई मर्तबा ऑक्सीजन की भी कमी हो जाती है। इस तरह की अनहोनी को टालने के लिए जिला प्रशासन ने स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट (SDMA) 2005 की धारा 34 के प्रावधानों के तहत ट्रैकिंग पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।

किन्नौर की ऊंची चोटियों पर होता है 5 से 7 फीट हिमपात

किन्नौर जिले की अधिक ऊंची चोटियों पर दो से तीन बार हिमपात हो चुका है। सर्दियों में कई बार किन्नौर के अधिक ऊंचे क्षेत्र में 5 से 7 फीट तक बर्फबारी होती है‌। यहां आसमान में हल्के बादल आने के बाद सर्दियों में कभी भी हिमपात हो जाता है। ऐसे में ट्रैकरों के फंसने की संभावना बनी रहती है।

इसलिए प्रशासन ने एहतियातन यह निर्णय लिया। डीसी ने इन आदेशों में स्पष्ट किया कि आगामी आदेशों तक जिला में ट्रैकिंग नहीं की जाएगी। ऐसा करने पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।