आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू IGMC शिमला में भर्ती हो गए। उन्हें रात में अचानक पेट में तेज दर्द उठा। इसके बाद रात तीन बजे IGMC शिमला पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों की टीम उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच कर रही है।

CM सुक्खू अभी IGMC में ही उपचाराधीन हैं, जहां उनके सभी टेस्ट लिए जा रहे हैं। IGMC द्वारा मेडिकल बुलेटिन में कहा गया कि अल्ट्रासाउंड सहित दूसरे टेस्ट कर दिए गए हैं। जांच में पेट में इन्फेक्शन पाया गया, जिसकी वजह से यह दर्द हुआ है।

CM की स्थिति अब सामान्य बताई गई है। मुख्यमंत्री अभी अस्पताल में ही भर्ती रहेंगे, ताकि डॉक्टरों की टीम उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच कर सके। बताया जा रहा है कि रात करीब 11 बजे CM के पेट में दर्द उठा। इसके बाद उन्होंने घर पर ही डॉक्टरों की सलाह पर दवाइयां ली, लेकिन आराम नहीं मिल पाया। तब जाकर मुख्यमंत्री IGMC शिमला पहुंचे।

बीती शाम शिमला लौटे थे CM

पिछले कल मुख्यमंत्री सुक्खू ने बिलासपुर में आपदा प्रभावितों को स्पेशल पैकेज के तहत राहत प्रदान की और शाम तक वापस शिमला लौटे। तब तक वह पूरी तरह स्वस्थ थे। बताया जा रहा है कि सुखविंदर सुक्खू को पहले भी कई बार पेट में दर्द उठती रही है।

हैल्थ और एजुकेशन मिनिस्टर अस्पताल पहुंचे

प्रदेश के हैल्थ मिनिस्टर धनीराम शांडिल और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर मुख्यमंत्री सुक्खू का कुशल क्षेम जानने सुबह सुबह IGMC पहुंचे। IGMC में मुख्यमंत्री का हाल जानने वालों की भीड़ लग गई है, लेकिन किसी को भी मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया जा रहा। डॉक्टरों ने CM को आराम करने की सलाह दी है।

CM के स्वास्थ्य में तेजी से हो रहा सुधार: चौहान

CM के मीडिया सलाहाकार नरेश चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उनके स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हो रहा है। CM के टेस्ट लिए जा रहे हैं। डरने की कोई बात नहीं है। मुख्यमंत्री पिछले कुछ दिनों से मंडी, कुल्लू, बिलासपुर के दौरे पर रहे। शायद कुछ खाने-पीने की वजह से यह इन्फेक्शन हुआ है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री को एक दो दिन आराम करने की सलाह दी है। इसके बाद ही CM अस्पताल से डिस्चार्ज होंगे​​​​।

जून में चंडीगढ़ में उपचार करवा चुके CM सुक्खू

जून के आखिरी सप्ताह में भी मुख्यमंत्री पेट में दर्द के कारण चंडीगढ़ के निजी अस्पताल में उपचार करवा चुके हैं। उस दौरान उन्होंने उपचार लेने के बाद चंडीगढ़ में तीन-चार दिन रुक कर स्वास्थ्य लाभ लिया था। इसके बाद से वह पूरी तरह स्वस्थ थे।