सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल के आयुष विभाग ने यादृच्छिक नियंत्रित परीक्षणों की एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण प्रकाशित किया है, जो मसूड़े की सूजन (पायरिया) के उपचार में आयुर्वेदिक और हर्बल दंत उत्पादों की प्रभावशीलता पर केंद्रित है। यह व्यापक अध्ययन आयुर्वेद के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी दानिश जावेद के नेतृत्व में प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं की एक टीम द्वारा किया गया |

जिसमें आशीष कुमार दीक्षित, चिकित्सा अधिकारी सना अनवर, पीएचडी स्कॉलर, सामुदायिक चिकित्सा विभाग अंशुल राय, अतिरिक्त प्रोफेसर, ओरल और मैक्सिलोफेशियल सर्जन; और केवल कृष्ण, एसोसिएट प्रोफेसर, अस्पताल प्रशासन शामिल हैं। यह अध्ययन प्रतिष्ठित पबमेड अनुक्रमित “जर्नल ऑफ एजुकेशन एंड हेल्थ प्रमोशन” में प्रकाशित किया गया है।

कार्यपालक निदेशक अजय सिंह ने शोधकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि “आयुर्वेद सदियों से भारत की प्रभावी चिकित्सा पद्धति रही है; एम्स भोपाल एक ही छत के नीचे एलोपैथ और आयुर्वेद चिकित्सा की न केवल सुविधा प्रदान कर रहा है, बल्कि नित नए शोध के मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है” । यह शोध 2004 और 2021 के बीच किए गए 41 विभिन्न नैदानिक परीक्षणों में शामिल 2,806 रोगियों से एकत्र किए गए विशाल डेटा के विश्लेषण पर आधारित है। इन परीक्षणों का उद्देश्य मसूड़े की सूजन के प्रबंधन में आयुर्वेदिक और हर्बल दंत उत्पादों की प्रभावकारिता का मूल्यांकन करना था, जो लोगों की एक सामान्य मुख स्वास्थ्य संबंधी समस्या है ।

इस अभूतपूर्व अध्ययन के प्रमुख निष्कर्षों से पता चलता है कि आयुर्वेदिक और हर्बल दंत उत्पाद मसूड़े की सूजन (पायरिया) के उपचार के विभिन्न पहलुओं को संबोधित करने में अपनी प्रभावी हैं। इन उत्पादों ने प्लाक निर्माण को कम करने, मसूड़ों की सूजन को कम करने और मुख के भीतर बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकने में पर्याप्त लाभ दिखाया। इसके अलावा, अध्ययन का निष्कर्ष है कि ये उत्पाद उपयोग के लिए सुरक्षित है और सामुदायिक दंत चिकित्सा पद्धतियों के लिए अनुशंसित किए जा सकते
है। अध्ययन की उल्लेखनीय विशेषताओं में से एक ऑयल पूलिंग घेरेपी की पारंपरिक आयुर्वेदिक पद्धति का समर्थन है, जिसे आयुर्वेद में “केवल और ष” के नाम से जाना जाता है। यह थेरेपी मुख संबंधी स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में अत्यधिक प्रभावी साबित हुई।