सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा-पाठ शुरू होने से नाराज मुस्लिम पक्ष ने शुक्रवार को जुमे पर वाराणसी बंद का आह्वान किया। मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने मुसलमानों से शांतिपूर्वक नमाज की अपील की है। शुक्रवार को दोपहर में 1700 से ज्यादा नमाजी वहां पहुंचे। भीड़ बढ़ने के बाद पुलिस ने अंदर जाने वालों को रोका और पास की मस्जिदों में नमाज पढ़ने की सलाह दी गई। मुस्लिम पक्ष की तरफ से भी लगातार यह अपील जारी की गई। पूजा पर रोक लगाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी सुनवाई की गई जिसमें पूजा पर रोक लगाने से हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया है।

पूजा पर रोक के लिए हाईकोर्ट में सुनवाई

ब्यासजी तहखाने में पूजा पर रोक लगाने वाली याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई की गई। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फिलहाल पूजा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी ने हाईकोर्ट बेंच को बताया कि ज्ञानवापी के भीतर 4 तहखानों में से हिंदू पक्ष को दक्षिणी तहखाने में पूजा के निर्देश मांगे हैं।

नकवी ने जिला न्यायाधीश एके विश्वेशा द्वारा पारित 31 जनवरी का आदेश भी पढ़कर सुनाया।

हाईकोर्ट पीठ: आपने जिला मजिस्ट्रेट को रिसीवर नियुक्त करने के 17 जनवरी के आदेश का विरोध नहीं किया है। यह एक परिणामी आदेश है…अपनी अपील में संशोधन करें। पीठ ने यह भी पूछा कि याचिकाकर्ता की बात 31 जनवरी को सुनी गई थी या नहीं।

पीठ ने कहा कि जब तक 17 जनवरी को चुनौती नहीं दी जाती, कुछ नहीं किया जा सकता है।

नकवी: मामले में जल्दबाजी है। उन्होंने पहले ही व्यास तहखाना (दक्षिणी तहखाना) में पूजा शुरू कर दी है। जजों की पीठ ने एजी से वाराणसी की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

नकवी: चुनौती दिए गए आदेश के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट को पूजा की व्यवस्था करने के लिए 7 दिन की अवधि दी गई थी। लेकिन डीएम ने 7 घंटे के भीतर प्रक्रिया शुरू कर दी…इससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष से पूछा कि पूजा के लिए अभी एप्लिकेशन डालने की जरूरत क्या थी? हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने कहा कि ASI के सर्वे में तहखाने का दरवाजा नहीं मिला है।

कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से पूछा कि तहखाने का दरवाजा कहां गया?

मुस्लिम पक्ष: वहां की निगरानी सीआरपीएफ कर रहा था और वहां किसी को जाने की अनुमति नहीं थी।

ब्यासजी तहखाने में शुक्रवार को पूजा हुई

वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार को ब्यास जी तहखाने में स्थापित विग्रह की पूजा की गई। भोर में 3:30 बजे मंगला आरती संपन्न हुई। जो दर्शनार्थी काशी विश्वनाथ का दर्शन कर रहे हैं, वे ब्यास जी तहखाने का भी 20-22 फीट दूर से दर्शन कर रहे हैं। तहखाने के एंट्री पर बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस बल भी तैनात है। गेट नंबर 4 से सभी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है।

शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर अशोक मुथा जैन, डीसीपी काशी आरएस गौतम, एडिशनल कमिश्नर सहित पीएससी,एलआईयू, यूपीएसटीएफ के अधिकारी मौजूद रहे। इसी दौरान नमाजियों का आना भी शुरू हो गया है।