आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) के सीनियर नेता राहुल गांधी ने बीते दिनों अचानक पंजाब के अमृतसर आकर सभी को चौका दिया। उनका यह आध्यात्मिक टूर तब था, जब पूरे पंजाब में कांग्रेस-AAP के बीच घमासान चल रही है, जबकि केंद्र में दोनों पार्टियां INDIA गठबंधन के लिए बैठकें कर रही हैं। राहुल गांधी यहां 48 घंटे रहे और तकरीबन 4 घंटे सेवा करने के बाद बिना कुछ कहे-बोले दिल्ली रवाना हो गए।
बता दें कि राहुल गांधी सोमवार 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर दोपहर काे अमृतसर पहुंचे थे। उनके अमृतसर पहुंचते ही सभी कांग्रेस वर्करों को उनके लिए इकट्ठे होने से मना कर दिया गया। स्पष्ट कहा गया कि यह एक आध्यात्मिक टूर है। तकरीबन 48 घंटे राहुल गांधी अमृतसर में रहे। लेकिन न ही राजनीतिक व न ही आध्यात्मिक तौर पर कोई टिप्पणी की। बुधवार सुबह तकरीबन 9.30 बजे वह अमृतसर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
SGPC बोली- राहुल की सेवा पश्चाताप नहीं
हालांकि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी द्वारा की गई सेवा उनके परिवार द्वारा की गई घटनाओं को लेकर पश्चाताप नहीं था और ना ही इसे राजनीति बताया। लेकिन स्पष्ट किया कि जो उन्हें यहां आकर बोलना चाहिए था, वे नहीं बोले। यह ना बोलना एक राजनीति थी। लेकिन राहुल गांधी ने SGPC की इस टिप्पणी पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
तस्वीरों में देखें राहुल गांधी का अमृतसर आध्यात्मिक टूर –