आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली शराब घोटाला मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने ट्रायल कोर्ट द्वारा उन्हें दी गई रिमांड को भी चुनौती दी है। कोर्ट इस मामले पर आज सुनवाई करेगा।

ED ने 4 अक्टूबर को संजय सिंह के घर करीब 10 घंटे तक चली छापेमारी के बाद गिरफ्तार कर लिया था। 5 अक्टूबर को उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से कोर्ट ने संजय को 10 अक्टूबर तक की रिमांड पर भेज दिया था। बाद में तीन दिन और रिमांड बढ़ा दी गई।

ED का कहना- संजय के खिलाफ घूस मांगने के सबूत

जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि संजय सिंह के खिलाफ घूस मांगने के सबूत हैं। वे हिरासत में सवालों के सही जवाब नहीं दे रहे। जांच में भी सहयोग नहीं कर रहे। जब उनसे फोन के डेटा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

इसके बाद कोर्ट ने ED की मांग पर संजय सिंह की रिमांड अवधि 13 अक्टूबर तक बढ़ा दी। रिमांड बढ़ाते हुए कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि, ED अदालत को बिना बताए संजय सिंह को कहीं नहीं ले जा सकती। दरअसल आप का आरोप था जांच एजेंसी संजय को दो बार किसी अनजान जगह ले गई थी। तब संजय ने सवाल किया था कि, उनका एनकाउंटर हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा।

AAP का आरोप- संजय सिंह को दो बार अनजान जगह ले गई ED

AAP विधायक दिलीप पांडे ने 11 अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- उनकी पार्टी कोर्ट की शुक्रगुजार है कि उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि अनुमति के बगैर संजय सिंह को कहीं नहीं ले जा सकते, और मिलने के समय में कोई ऊंच नीच नहीं की जाएगी। ED बीजेपी की कोई रूल बुक फॉलो कर रही है, नहीं तो कोर्ट को इतना स्पष्ट लिखित में क्यों देना पड़ता।

पांडे ने कहा- ED के ऊपर कौन बैठा है जो आधारहीन गिरफ्तारी करता है। संजय सिंह जी के परिवार को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। परिवार के मिलने का समय शाम 6-7 बजे होता है लेकिन परिवार को लंबा इंतजार करवाया जाता है।

जनवरी में ED की चार्जशीट में जुड़ा था संजय सिंह का नाम

इसी साल जनवरी में ED ने अपनी चार्जशीट में संजय सिंह का नाम जोड़ा था। इसको लेकर संजय सिंह ने काफी हंगामा मचाया था। दरअसल मई में संजय सिंह ने दावा किया कि ईडी ने उनका नाम गलती से जोड़ दिया है। जिस पर ED ने जवाब दिया कि हमारी चार्जशीट में संजय सिंह का नाम चार जगह लिखा गया है। इनमें से तीन जगह नाम सही लिखा गया है। सिर्फ एक जगह टाइपिंग की गलती हो गई थी।

जिसके बाद ED ने संजय सिंह को मीडिया में बयानबाजी न करने की सलाह दी थी, क्योंकि मामला कोर्ट में लंबित है।

संजय सिंह पर क्या है आरोप

ED की चार्जशीट में संजय सिंह पर 82 लाख रुपए का चंदा लेने का जिक्र है। इसको लेकर ही ED बुधवार को उनके घर पहुंची और उनसे पूछताछ कर रही है। दिल्ली शराब नीति केस में ED की दूसरी सप्लिमेंट्री चार्जशीट 2 मई को जारी की गई थी। जिसमें आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा का भी नाम सामने आया था। हालांकि उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है।

अब 5 पॉइंट्स में सिलसिलेवार शराब नीति घोटाला के बारे में जानिए…

  1. नवंबर 2021 को नई शराब नीति लागू हुई

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने 22 मार्च 2021 को नई शराब नीति का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस नीति से शराब की दुकानें निजी हाथों में चली जाएंगी। सिसोदिया से जब नई नीति लाने का मकसद पूछा गया तो उन्होंने दो तर्क दिए। पहला- माफिया राज खत्म होगा। दूसरा- सरकारी खजाना बढ़ेगा।

17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति 2021-22 लागू कर दी गई। इससे शराब कारोबार से सरकार से बाहर हो गई और ये बिजनेस निजी हाथों में चला गया। कई बड़े डिस्काउंट देने से शराब की जमकर बिक्री हुई। इससे सरकारी खजाना तो बढ़ा, लेकिन इस नई नीति का विरोध होने लगा।

  1. जुलाई 2022 में शराब नीति में घोटाला का आरोप लगा

8 जुलाई 2022 को दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने नई शराब नीति में घोटाला होने का आरोप लगाया। उन्होंने इससे जुड़ी एक रिपोर्ट एलजी वीके सक्सेना को रिपोर्ट सौंपी। इसमें बताया गया कि सिसोदिया ने लाइसेंसधारी शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया। उधर, LG ने भी कहा है कि उनकी और कैबिनेट की मंजूरी के बिना ही शराब नीति में बदलाव कर दिए।

  1. अगस्त 2022 को CBI और ED ने केस दर्ज किया

एलजी सक्सेना ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर CBI जांच की मांग की। 17 अगस्त 2022 को जांच एजेंसी ने केस दर्ज किया। इसमें मनीष सिसोदिया, तीन रिटायर्ड सरकारी अफसर, 9 बिजनेसमैन और दो कंपनियों को आरोपी बनाया गया। सभी पर भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया।

19 अगस्त को सिसोदिया के घर और दफ्तर समेत सात राज्यों के 31 ठिकानों पर छापेमारी की। इस पर सिसोदिया ने दावा किया कि सीबीआई को कुछ नहीं मिला। इधर, 22 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने CBI से मामले की जानकारी लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया।