नई दिल्ली । भारत और एशिया के दूसरे सबसे बड़े अमीर कारोबारी गौतम अडानी स्वास्थ्य सेवाओं में भी एकाधिकार की तैयारी में हैं। अडानी ग्रुप इसके लिए कई बड़े अस्पतालों, डायग्नॉस्टिक चेन और ऑनलाइन तथा डिजिटल फार्मेसी के अधिग्रहण की योजना बना रहा है। इनमें डायग्नोस्टिक चेन मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड में मैज्योरिटी स्टेक भी शामिल है। एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अडानी ग्रुप और अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज लिमिटेड मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर में मैज्योरिटी स्टेक खरीदने की संभावनाएं तलाश रही हैं।

अडानी ग्रुप ने हाल में हेल्थकेयर सेक्टर में उतरने की घोषणा की थी। ग्रुप ने इसके लिए एक नई कंपनी अडानी हेल्थ वेंचर्स लि (एएचवीएल) का गठन किया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में उतरने के लिए समूह की कई बड़ी कंपनियों के साथ बात चल रही है। अडानी ग्रुप स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में चार अरब डॉलर का निवेश कर सकता है। अडानी ग्रुप और पीरामल हेल्थकेयर सार्वजनिक क्षेत्र की फार्मास्यूटिकल कंपनी एचएलएल हेल्थकेयर लिमिटेड को खरीदने की होड़ में भी हैं। सरकार ने दिसंबर, 2021 को कंपनी में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी निजी क्षेत्र की इकाइयों को बेचने का फैसला किया था।

सूत्रों के मुताबिक मेट्रोपोलिस के साथ डील एक अरब डॉलर की हो सकती है। मेट्रोपोलिस की शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी और इसका कामकाज 19 राज्यों में फैला है। खासकर देश के पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्रों में इसकी मजबूत उपस्थिति है। अडानी ग्रुप देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक है। इसका सालाना रेवेन्यू 20 बिलियन डॉलर से अधिक है। ग्रुप की सात कंपनियां शेयर मार्केट में लिस्टेड हैं। हाल में ग्रुप ने अंतरराष्ट्रीय सीमेंट कंपनी होल्सिम के भारतीय बिजनेस को खरीदने के लिए भारी-भरकम डील की थी।