आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : जेल से बंद गैंगस्टर लॉरेंस के इंटरव्यू मामले में आज पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने सुओ मोटो बेसिस पर सुनवाई शुरू की थी। 18 दिन पहले हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से सवाल किया था कि इस मामले की जांच के लिए जो SIT टीम बनाई गई थी, जांच कहां तक पहुंची है। इस मामले में अभी तक क्या कार्रवाई की गई?।

पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि जांच के लिए कमेटी गठित कर रखी है और मामला अभी विचाराधीन है।

इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार द्वारा दाखिल किए गए जवाब पर असंतुष्टि जाहिर की। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि इतना गंभीर मामला होने के बावजूद 7 महीने में जांच तक पूरी नहीं हुई है। ऐसे में ADGP जेल को इस बारे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का हाईकोर्ट ने आदेश दे रखा है।

जेल में मोबाइल प्रयोग केस की सुनवाई में उठा लॉरेंस का मुद्दा

मामला संगरूर की जेल में पॉक्सो एक्ट में विचाराधीन कैदी निर्मिंदरजीत की जमानत याचिका पर सुनवाई के बीच शुरू हुआ। दरअसल, पीड़िता को मोबाइल से जेल का वीडियो भेजने की अदालत को जानकारी दी गई थी। सुनवाई कर रहे सिंगल बेंच ने जेल में कैदियों के मोबाइल इस्तेमाल को बेहद गंभीर मामला बताया। सिंगल बेंच ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को रेफर कर दिया था।

हाईकोर्ट ने मामले में जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई शुरू की तो लॉरेंस बिश्नोई के जेल से हुए इंटरव्यू का मुद्दा उठा। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब तलब करते हुए 9 नवंबर गुरुवार को दोपहर 2 बजे तक स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दे दिए थे।

14 मार्च को ब्रॉडकास्ट हुआ था पहला इंटरव्यू

एक निजी चैनल पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने इंटरव्यू दिया था। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मास्टरमाइंड लॉरेंस के इंटरव्यू से पूरे पंजाब में सनसनी फैल गई थी। लॉरेंस का दूसरा इंटरव्यू भी उसी चैनल पर चला दिया गया। इस इंटरव्यू के बाद पंजाब सरकार व DGP दोनों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

गैंगस्टर लॉरेंस का पहला इंटरव्यू 14 मार्च की शाम को ब्रॉडकास्ट किया गया था। जिसके बाद से ही AAP सरकार विरोधियों के निशाने पर आ गई थी। 15 मार्च को ही CM भगवंत मान ने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल कर दिया। बीते दिनों हुए गोइंदवाल जेल और अब लॉरेंस पार्ट-1 के बाद सीएम भगवंत मान ने जेल विभाग को मंत्री हरजोत बैंस से अपने हाथों में ले लिया था।

DGP पंजाब ने भी पहले इंटरव्यू के बाद साफ तौर पर लॉरेंस का इंटरव्यू पंजाब से बाहर होने की बात कही। 16 मार्च को DGP गौरव यादव को खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इंटरव्यू पार्ट-1 पर सफाई देनी पड़ी कि यह पंजाब की जेल में नहीं हुआ। इंटरव्यू पार्ट-2 आने के बाद फिर से पंजाब पुलिस और जेल विभाग पर सवाल खड़े हुए।

बैरक से कॉल करने का दिया सबूत

इंटरव्यू पार्ट-2 में लॉरेंस ने जेल के अंदर से इंटरव्यू करने का सबूत भी दिया। उसने अपनी बैरक भी दिखाई और बताया कि उसे बाहर नहीं जाने दिया जाता, लेकिन मोबाइल भी उसके पास आ जाता है और सिग्नल भी, जबकि बठिंडा को पंजाब की सबसे सेफ जेल कहा गया है, जो जैमर से इन्स्टॉल है। DGP तो दावा कर चुके हैं कि बैरक में गार्ड रोजाना सिग्नल न होने की जांच भी करने आते हैं।

जेल की कमजोरियां भी गिनाई

लॉरेंस ने अपने इंटरव्यू में जहां जेल की बैरक से इंटरव्यू देने का सबूत दिया, वहीं जेल की कमजोरियों को भी उजागर किया। लॉरेंस का कहना है कि रात के समय जेल के गार्ड बहुत कम आते-जाते हैं, इसीलिए वह रात को कॉल कर रहा है। मोबाइल बाहर से जेल के अंदर फेंके जाते हैं। कई बार जेल स्टाफ उन्हें पकड़ भी लेता है, लेकिन अधिकतर बार मोबाइल उस तक पहुंच जाता है।

देशभक्त दिखाने का प्रयास

इन दोनों इंटरव्यू में एक बात सबसे खास थी। लॉरेंस बिश्नोई को बेबाक, गौ-भक्त और देशभक्त दिखाने का प्रयास किया गया था। उस समय ये भी हवा उड़ी की इंटरव्यू करवाने में खुफिया एजेंसियों का हाथ हो सकता है।