सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : 7 अक्टूबर 2023 से जारी इजराइल और हमास की जंग में दूसरी बार सीजफायर की उम्मीद है। इसके लिए काहिरा में बातचीत चल रही है। CNN ने एक अमेरिकी अफसर के हवाले से कहा- इजराइल 6 हफ्ते तक हमले बंद करने के लिए तैयार है।
दूसरी तरफ, ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ ने हमास के एक नेता के हवाले से कहा है कि सीजफायर की शर्तों पर विचार आखिरी दौर में है। उम्मीद है कि 24 से 48 घंटे में कोई फैसला लिया जाएगा। 7 दिन का पहला सीजफायर नवंबर में हुआ था।
हमास के कब्जे वाले गाजा की हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक- इजराइली हमलों में अब तक 30 हजार लोग मारे जा चुके हैं।
गेंद हमास के पाले में
रिपोर्ट के मुताबिक- अमेरिका और इजिप्ट के साथ ही कतर भी बातचीत का हिस्सा है। इजराइल सरकार सीजफायर के लिए तैयार हो चुकी है। अब हमास का फैसला करना है।
जानकारी के मुताबिक- दो बातों पर सहमति बन चुकी है। पहली- सीजफायर 6 हफ्ते का रहेगा। इस दौरान दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ हमले नहीं करेंगे। दूसरा- हमास 134 बंधकों को रिहा करेगा। इजराइल भी उसकी जेलों में मौजूद महिलाओं और बच्चों को छोड़ देगा।
माना जा रहा है कि यह रमजान के पहले ही यह डील हो जाएगी। हमास के गाजा में डिप्टी चीफ खलील अल हयास रविवार सुबह काहिरा पहुंचे। हमास की तरफ से वो ही बातचीत कर रहे हैं। इसके पहले उन्होंने कतर की राजधानी दोहा में सभी पक्षों से बातचीत की थी।
‘स्काय न्यूज’ ने एक अमेरिकी अफसर के हवाले से कहा- सीजफायर के लिए बातचीत तेजी से चल रही है। इसकी वजह है कि दोनों पक्ष मसले का हल निकालने के लिए तैयार हो चुके हैं। फिर भी यही कहा जा सकता है कि फैसला अब हमास को करना है।
पेरिस से दोहा और अब काहिरा
रिपोर्ट्स के मुताबिक- कतर और इजिप्ट के अफसरों ने दोहा में हमास के नेताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद पेरिस में सीजफायर का ड्राफ्ट तैयार किया गया। इजराइल इसके लिए तैयार हो चुका था। आखिरकार काहिरा में हमास को यह ड्राफ्ट सौंपा गया और उससे कहा गया कि इस पर जल्द फैसला करें। इजराइल ने भरोसा दिलाया था कि वो फिलिस्तीन के कई कैदियों को रिहा करने के लिए तैयार है।
इजराइल ने कहा है कि वो घायलों, बुजर्गों और महिलाओं को रिहा करेगा। इसके अलावा 18 से कम उम्र के बच्चों को भी रिहा किया जाएगा।
हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल के बॉर्डर एरिया में बसे शहरों पर हमले किए थे। 1200 लोग मारे गए थे। 234 को बंधक बना लिया था। 103 लोगों को नवंबर में रिहा कराया जा चुका है। बाकी हमास की कैद में हैं।