सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क– इंटीग्रेटेड ट्रेड– न्यूज़ भोपाल: अमेरिका के मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेक ऑफ के चंद मिनिट बाद एक एयरक्राफ्ट में आग लग गई। घटना गुरुवार रात की है। यह प्लेन एटलस एयरलाइंस का बोइंग 747-8 था।
पायलट ने फौरन वापस एयरपोर्ट लौटने और लैंडिंग का फैसला किया। ये जानकारी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) को दी गई। बाद में यह प्लेन लैंड हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- यह कार्गो एयरक्राफ्ट था।
पिछले हिस्से में आग लगी
एयर ट्रैवल पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘एयरलाइव’ की रिपोर्ट के मुताबिक- एटलस एयरलाइंस के बोइंग 747-8 ने गुरुवार रात मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेक ऑफ किया। चंद मिनिट बाद ये करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर था। इसी दौरान इसके पिछले हिस्से (टेल यूनिट) से चिंगारियां निकलती दिखाई दीं। अंधेरे की वजह से यह बिल्कुल साफ नजर आ रही थीं।
एयरपोर्ट स्टाफ ने भी यह देखा। पायलट को भी हालात का अंदाजा हो चुका था। इसके बाद एयरपोर्ट कंट्रोलर और पायलट के बीच बातचीत हुई और फौरन लैंडिंग का फैसला किया गया।
लैंडिंग के वक्त कम थी आग
पायलट ने जैसे ही लैंडिंग का फैसला किया और प्लेन की ऊंचाई कम की, चिंगारियां कम होती नजर आईं। यही वजह थी कि इमरजेंसी लैंडिंग में ज्यादा खतरा महसूस नहीं हुआ। बाद में एटलस एयर के प्रवक्ता ने कहा- यह फ्लाइट नंबर 5Y095 थी। गुरुवार रात मियामी से उड़ान भरने के बाद इसके इंजन में दिक्कत आई और आग लग गई।
प्रवक्ता ने आगे कहा- हमारे क्रू ने तमाम सेफ्टी मेजर्स इस्तेमाल किए और प्लेन की सेफ लैंडिंग में कामयाबी हासिल की। घटना की जांच की जा रही है।
जापान में इस महीने 2 घटनाएं
पहली 2 जनवरी : को टोक्यो के हानेडा एयरपोर्ट पर एक प्लेन में आग लग गई थी। लैंडिंग से पहले एक विमान कोस्ट गार्ड के प्लेन से टकरा गया था। कोस्ट गार्ड के प्लेन में सवार 6 में से 5 क्रू मेंबर्स की मौत हो गई थी।
पैसेंजर प्लेन होकाइडो के शिन-चितोसे एयरपोर्ट से रवाना हुआ था। इसमें करीब 367 पैसेंजर्स और 12 क्रू मेंबर्स सवार थे। सभी को जलते प्लेन से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। कोस्ट गार्ड का प्लेन भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत का सामान पहुंचाने जा रहा था।
दूसरी 16 जनवरी : जापान के होकाइडो आईलैंड के चितोस एयरपोर्ट पर कोरियन एयरवेज का एयरक्राफ्ट लैंड करते वक्त वहां पहले से खड़े पैसेफिक एयरवेज के प्लेन से टकरा गया था। पैसेफिक एयरवेज का प्लेन खाली था। उसमें कोई पैसेंजर या क्रू मेंबर नहीं था। कोरियाई एयरक्राफ्ट में 289 पैसेंजर और क्रू मेंबर थे।
लोकल मीडिया नेटवर्क ‘फुजी टीवी’ के मुताबिक- एक एयरक्राफ्ट खड़ा था और दूसरे की लैंडिंग करीब-करीब हो चुकी थी। इसलिए कोई नुकसान नहीं हुआ।
एक्सपर्ट्स ने क्या कहा था
ब्रिटेन की एक एयर सेफ्टी और एविएशन एजेंसी के एक्सपर्ट पॉल हाएस के मुताबिक- हानेडा एयरपोर्ट पर हुई घटना के दौरान जिस एयरक्राफ्ट में आग लगी थी, उसके केबिन क्रू ने लाजवाब काम किया था। उन्हें सैल्यूट। यह किसी चमत्कार से कम नहीं कि सभी पैसेंजर और क्रू सही-सलामत हैं। किसी को गंभीर चोट तक नहीं आई।
पूर्व ट्रैफिक कंट्रोलर माइकल रॉब्सन ने चैनल 4 न्यूज से कहा- इतने खतरनाक हालात में भी सभी को बचा लेना…। मैं तो चमत्कार ही मानूंगा।
पायलट और US बेस्ड एविएशन सेफ्टी कंसल्टेंसी के चीफ जॉन कॉक्स के मुताबिक क्रू ने जबरदस्त काम किया। ये बताता है कि उनकी ट्रेनिंग कितनी शानदार है। अगर आप इवैक्यूएशन वीडियो को ध्यान से देखें तो कोई पैसेंजर किसी तरह का सामान लेकर बाहर नहीं आया। वो सिर्फ जान बचा रहे थे। याद कीजिए इसी JAL का एयरक्राफ्ट 12 अगस्त 1985 को टोक्यो और ओसाका के बीच क्रैश हुआ था। 524 में से 520 पैसेंजर मारे गए थे।