हरारे । विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था (फीफा) ने खेल में सरकारों के बढ़ते हस्तक्षेप को देखते हुए जिम्बाब्वे और कीनिया को अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से प्रतिबंधित कर दिया है।

इन दोनो को ही इसलिए निलंबित किया गया है क्योंकि उनके राष्ट्रीय फुटबॉल संघों के संचालन में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ता जा रहा था। जिम्बाब्वे पर प्रतिबंध का कारण यह है कि सरकार के खेल और मनोरंजन आयोग ने जिम्बाब्वे फुटबॉल संघ पर से अपना नियंत्रण छोड़ने और महासंघ के पदाधिकारियों को बहाल करने से मना कर दिया था।

इससे पहले जिम्बाब्वे फुटबॉल संघ को भ्रष्टाचार के आरोप में नवंबर में ही बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं इसके अलावा कीनिया में भी खेल मंत्रालय ने फुटबॉल महासंघ के पदाधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उन्हें हटा दिया था। इसे फीफा ने इसे सरकारी हस्तक्षेप करार दिया और कीनिया को प्रतिबंधित कर दिया। कीनियाई फुटबॉल संघ के अध्यक्ष निक मावेंड्वा भी अभी आपराधिक आरोपों का सामना भी कर रहे हैं।

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेनटिनो ने इन दोनो ही देशों पर प्रतिबंधों की घोषणा की। इसका मतलब होगा कि जिम्बाब्वे और कीनिया की राष्ट्रीय टीम और क्लब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इसके साथ ही उन्हें फीफा से आर्थिक सहायता भी नहीं मिलेगी।