सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : फेस्टिव सीजन के दौरान नई गाड़ियों की खरीदारी तेज हो गई है। अगर आप भी नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो डिलीवरी से पहले कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक है। इन सावधानियों से आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि डीलर आपको डिफेक्टेड वाहन न थमाए।
प्री डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) क्या है?
PDI एक प्रोसेस है, जिसमें कार की डिलीवरी से पहले उसकी जांच की जाती है। यह जांच कार के इंटीरियर्स, एक्सटीरियर्स, इंजन और सभी फीचर्स को शामिल करती है। PDI डीलर द्वारा या ग्राहक द्वारा स्वयं किया जा सकता है।
PDI क्यों जरूरी है?
- डिफेक्ट्स का पता: PDI करने से आप जान सकते हैं कि कार में कोई समस्या है या नहीं।
- अच्छी रोशनी: कार का निरीक्षण ऐसी जगह करें जहां रोशनी अच्छी हो, ताकि सभी हिस्से साफ-साफ दिख सकें।
PDI कैसे करें?
स्टेप 1: चेक लिस्ट बनाएं
- एक चेक लिस्ट तैयार करें जिसमें इंजन, एक्सटीरियर्स, इंटीरियर्स, टायर आदि के चेक पॉइंट्स शामिल हों।
स्टेप 2: एक्सटीरियर्स की जांच
- कार के चारों ओर चक्कर लगाकर स्क्रेच या डेंट की जांच करें।
स्टेप 3: इंटीरियर्स की जांच
- डैशबोर्ड, सीट्स, और फ्लोर मैट को चेक करें।
स्टेप 4: इंजन, ओडोमीटर और फ्यूल की जांच
- बोनट खोलकर फ्लूइड लेवल्स चेक करें और इंजन की आवाज सुनें।
स्टेप 5: कार के डॉक्युमेंट्स
- रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और अन्य दस्तावेजों की जांच करें।
स्टेप 6: टेस्ट ड्राइव लें
- डीलर के साथ टेस्ट ड्राइव करें और कार की कार्यप्रणाली की जांच करें।
स्टेप 7: इंस्पेक्शन का वीडियो बनाएं
- सभी चेकिंग के बाद इंस्पेक्शन का वीडियो बनाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर आपके पास साक्ष्य हो।
कार की डिलीवरी लेने के बाद क्या करें?
इनवॉइस को ध्यान से चेक करें, क्योंकि कई बार डीलर हिडन चार्जेज लगाते हैं। यदि कोई चार्ज संदिग्ध लगे, तो तुरंत आपत्ति जताएं।
अन्य टिप्स:
- यदि डीलर PDI करने से मना करे, तो समझ जाएं कि कार में कोई समस्या है।
- हमेशा अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कार चुनें और एक ही डीलर से डील फाइनल न करें; बेहतर डील के लिए अन्य डीलर्स से भी संपर्क करें।
इन सरल स्टेप्स का पालन कर आप फेस्टिव सीजन में नई कार खरीदने के अनुभव को और बेहतर बना सकते हैं।