आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मथुरा में फर्जी IPS से पुलिस के साथ असली एनकाउंटर हो गया है। मुठभेड़ में उसके दाहिने पैर में गोली लगी है। फर्जी IPS को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवाया है। 3 दिन पहले इस फर्जी IPS ने IG क्राइम लखनऊ बनकर मथुरा में एक थाना प्रभारी को फोन किया। पहले उसे हड़काया और फिर तेल माफिया से जुड़ी सीक्रेट इंफार्मेंशन ली। शक होने पर पुलिस ने जांच की तो खुलासा हुआ।

इसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज करके जांच शुरू की। फर्जी IPS का नाम राधेश्याम उर्फ सुभाष है। वह राजस्थान के भरतपुर का रहने वाला है। बुधवार देर रात राधेश्याम की लोकेशन पुलिस को मगोर्रा इलाके में मिली। पुलिस और एसओजी की टीम ने सुभाष की घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस को देख राधेश्याम ने दो फायर किए। जवाबी कार्रवाई की तो वह भागने लगा। इसके बाद पुलिस ने पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया।

हैलो…मैं IG क्राइम बोल रहा हूं

23 अक्टूबर को फर्जी IPS अधिकारी ने मथुरा के फरह थाना प्रभारी सुरेश चंद्र को शाम 5.17 मिनट पर व्हाट्सएप कॉल की। थाना प्रभारी ने कॉल रिसीव की तो कहा-IG क्राइम लखनऊ सुभाष कुंतल बोल रहा हूं। अफसर का नाम सुनते ही थाना प्रभारी ने जय हिंद कहा। इसके बाद थाना प्रभारी को हड़काते हुए कहा कि तुमने CUG नंबर बंद कर रखा है। इस पर थाना प्रभारी सफाई देने लगे। कहा कि सर नेटवर्क प्रॉब्लम है। इसके बाद सुरेश चंद्र ने अपना प्राइवेट नंबर दिया।

तेल माफिया के परिवार की डिटेल्स मांगी

इसके बाद थाना प्रभारी के प्राइवेट नंबर पर 23 अक्टूबर को ही 3 बार फर्जी IPS ने फोन किया। 5 मिनट तक रिफाइनरी की पाइप लाइन से तेल चोरी करने वाले माफिया बड़ोदरा निवासी निशांत के बारे में जानकारी मांगी। साथ ही निशांत के परिवार का नंबर थाना प्रभारी से मांगा। थाना प्रभारी ने कहा- सर निशांत गिरफ्तार हो चुका है। अब परिवार की जरूरत नहीं है। इस पर राधेश्याम ने थाना प्रभारी को हड़काते हुए कहा कि नहीं उसके परिवार को भी गिरफ्तार करना है।

5 मिनट की बातचीत में थाना प्रभारी को हुआ शक

सुरेश चंद्र और फर्जी IPS के बीच चली 5 मिनट की बातचीत में थाना प्रभारी को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने एसएसपी को मामले की जानकारी दी। कहा कि लखनऊ से IG सुभाष कुंतल के नाम से बार-बार फोन आ रहा है। क्या ऐसा कोई IPS अधिकारी लखनऊ में है क्या? पता करने की जरूरत है।

इसके बाद एसएसपी ने लखनऊ में सीनियर अधिकारी को मामले की जानकारी दी। सुभाष कुंतल नाम के किसी अधिकारी के न होने पर पुलिस का शक सच साबित हुआ। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल निकाली। थाना प्रभारी सुरेश चंद्र ने इस मामले में FIR दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि फर्जी आईपीएस बनकर कॉल करने वाले का नाम राधेश्याम उर्फ सुभाष है।

इसके बाद एनकाउंटर में पुलिस ने राधेश्याम को गिरफ्तार किया। घायल ठग के पास से पुलिस को 21 फर्जी IPS लिखे विजिटिंग कार्ड, 1 फर्जी आईएएस लिखा विजिटिंग कार्ड के अलावा तमंचा 4 कारतूस, बिना नंबर की बाइक बरामद की। बाइक पर भी IPS अधिकारी लिखा था।

13 मुकदमे, 6 मथुरा में

पुलिस जांच में पता चला कि राधेश्याम पर 13 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें से 6 मथुरा में हैं। 2014 में थाना हाई-वे से ट्रिपल मर्डर के मामले में 4 साल के लिए जेल भी गया था। राधेश्याम भरतपुर के थाना उद्योग नगर का हिस्ट्रीशीटर है। मथुरा के अलावा उस पर भरतपुर, जयपुर और जम्मू में धोखाधड़ी और फ्रॉड के मुकदमे दर्ज हैं।