नई दिल्ली । दिग्गज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक को टिकटॉक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म कड़ी टक्कर दे रही हैं। इसकी वजह से आने वाले दिनों में फेसबुक का राजस्व प्रभावित हो सकता है। कंपनी ने खुद इस बात को स्वीकार किया है। मेटा का कहना है कि साल की पहली तिमाही में उसका प्रदर्शन अनुमान से कम रह सकता है।

कंपनी का कहना है कि एपल ने अपने ऑपरेटिंग सिस्टम की प्राइवेसी में बदलाव किया है जिससे ब्रांड्स को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों में मुश्किल आ रही है। साथ ही सप्लाई चेन की चुनौतियों ने भी कंपनी की मुश्किलें बढ़ाई हैं। 18 साल पुरानी इस कंपनी को टिकटॉक और यूट्यूब से भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में यूजर्स इन प्लेटफॉर्म्स की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं।

इससे आने वाली तिमाही में फेसबुक का राजस्व बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। पिछले साल की चौथी तिमाही में फेसबुक के 2.91 अरब मंथली एक्टिव यूजर थे और उससे पिछले तिमाही की तुलना में इस संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। मेटा के एक प्रमुख अ‎धिकारी ने हाल ही में कहा कि आने वाली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू अनुमान से कम रह सकता है। मेटा का कहना है कि पहली तिमाही में उसका राजस्व 27 से 29 अरब डॉलर रह सकता है जबकि विश्लेषक इसके 30.15 अरब डॉलर रहने की उम्मीद कर रहे थे।