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बांसखेड़ी कोलार में रहने वाली समाजसेवी नीलम मिश्रा का। वे उसी जगह रहती हैं, जहां 7 साल की सुहानी कुशवाह को कुत्ते ने नोंच दिया था। वे घटना की चश्मदीद भी हैं। घटना को जानने की कोशिश की। मिश्रा कहती हैं – अगले दिन सुबह कुत्ते को नगर निगम की टीम ने पकड़ लिया। वह दूसरे बच्चों पर भी हमला करने दौड़ रहा था।एक और चश्मदीद महेंद्र ने बताया – कुत्ते ने बच्ची को बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। मासूम का मुंह लहूलुहान हो गया था। तुरंत हॉस्पिटल लेकर पहुंचे और इलाज शुरू हुआ। बच्ची अब ठीक है, यह अच्छी खबर है।पहुंचाया था।

हालत ठीक, लेकिन जख्म गहरे
मासूम सुहानी की हालत अब खतरे से बाहर है, लेकिन कुत्ते ने उसे गहरे जख्म दिए हैं। वह अभी भी खौफ में है। मां-पिता और बहनें उसका दिल बहला रही हैं। जिस आंख पर कुत्ते ने हमला किया, उसका ऑपरेशन भी हो चुका है। वह डॉक्टरों की निगरानी में है। उधर, मोहल्ले वाले भी खौफ में है। हालांकि, नगर निगम ने यहां से कुछ कुत्ते पकड़े हैं, लेकिन अभी भी कई स्ट्रीट डॉग्स यहां हैं।

बड़ी बेटी को भी उसी कुत्ते ने काटा था
सुहानी के पास उसके पिता शिवकुमार कुशवाह, मां और बहनें हैं। तीन बहनों में सुहानी मंझली है। उसकी 11 वर्षीय बड़ी बहन सोहना को दो दिन पहले ही इसी कुत्ते ने काटा था। पिता ने इस संबंध में नगर निगम को शिकायत भी की थी। इसके बाद निगम की टीम कुत्ता पकड़ने गई, लेकिन बस्ती वाले ही विरोध करने लगे। इसके चलते कुत्ता नहीं पकड़ा जा सका था। इसके दो दिन बाद मंझली बेटी को भी कुत्ते ने काट लिया।शिवकुमार ने बताया, वह मजदूरी करता है। मूलत: सतना के बिहरा गांव का रहने वाला है। उसका भाई भी यही रहता है।