सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: यूरोप के कई देशों में एक जानलेवा बीमारी फैल रही है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने इस बीमारी को पैरेट फीवर नाम दिया है। WHO का कहना है कि ये बेहद खतरनाक है। इससे अब तक 5 लोगों की मौत हो गई है।

US सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, पैरेट फीवर पक्षियों में पाए जाने वाले एक बैक्टीरिया की वजह से फैल रहा है। अगर इस बैक्टीरिया से संक्रमित पक्षी किसी इंसान को काट लेते है तो वो भी संक्रमित हो जाता है। यह बीमारी संक्रमित जानवरों को खाने से नहीं फैलती है।

2023 से मामले सामने आ रहे

अमेरिकी मीडिया CNN ने अपनी रिपोर्ट में WHO के हवाला से लिखा, ‘पैरेट फीवर को सिटाकोसिस के नाम से भी जाना जाता है। इसने यूरोपीय देशों में रहने वाले लोगों को बुरी तरह प्रभावित किया है। साल 2023 की शुरुआत में भी इस बीमारी से लोग संक्रमित हुए थे, लेकिन अब इससे लोगों की जान जाने लगी है।’

डेनमार्क में 23 मामले सामने आए

CNN के मुताबिक, WHO ने कहा, ‘ऑस्ट्रिया में 2023 में 14 मामलों की पुष्टि हुई थी, लेकिन इस साल अब तक मार्च में ही 4 मामले सामने आ चुके हैं। कुल मामले 18 हो गए। वहीं, डेनमार्क में 27 फरवरी तक 23 मामलों की पुष्टि हुई।’

जर्मनी में 2023 में 14 मामले सामने आए थे। इस साल अब तक 5 मामले सामने आए हैं। कुल 19 मामले हो गए हैं। यानी 3 देशों में अब तक 60 लोग पैरेट फीवर से संक्रमित पाए गए हैं। नीदरलैंड में भी 21 मामले सामने आए हैं। WHO ने कहा कि हाल ही मिले अधिकांश मामले पालतू या जंगली पक्षियों के संपर्क में आने से सामने आए हैं।’

बीमारियां बढ़ने की एक वजह क्लाइमेट चेंज

कई रिसर्च में सामने आया है कि जलवायु परिवर्तन से बीमारियां फैल रही हैं। निचली और गर्म जगहों पर रहने वाले जानवर बढ़ते तापमान को झेल नहीं पा रहे हैं इसलिए ऊंची और ठंडी जगहों की तरफ माइग्रेट हो रहे हैं। इनके साथ बीमारियां भी उन इलाकों तक पहुंच रही हैं, जहां पहले नहीं थीं।

उदाहरण के जरिए इसे ऐसे समझें- साइंस न्यूज के मुताबिक, पोसम्स, ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला नेवले की तरह दिखने वाला जानवर बुरुली अल्सर नाम की बीमारी फैला रहा है। ये ऑस्ट्रेलिया के तापमान में ही रह सकता है, लेकिन अगर वहां के तापमान में बदलाव होता है तो पोसम्स अपने जीवन के अनुकूल परिस्थिति ढूंढने के लिए किसी और देश जा सकता है।

मान लीजिए पोसम्स अनुकूल परिस्थिति की तलाश में न्यूजीलैंड पहुंच जाए और वहां रहने लगे। ऐसी स्थिति में पोसम्स से फैलने वाली बुरुली अल्सर बीमारी ऑस्ट्रेलिया के साथ न्यूजीलैंड में भी फैलने लगेगी।