सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इंग्लैंड के दो मीडिया हाउसेज ने देश के 30 मेंटल हेल्थ सेंटर्स में पेशेंट्स के साथ रेप और सेक्शुअल एब्यूज का बहुत बड़ा स्कैंडल उजागर किया है। ‘स्काय न्यूज’ और ‘द इंडिपेंडेंट’ की इस इन्वेस्टिगेशन के मुताबिक- इन 30 अस्पतालों में 2019 से 2023 के बीच कुल 20 हजार शिकायतें सामने आईं। हैरानी की बात ये है कि इस मामले में कोई एक्शन ही नहीं लिया गया।

मामला तब सामने आया जब नेशनल लेवल की तैराक एलेक्सिस क्विन ने स्काय न्यूज के पॉडकास्ट में इंग्लैंड की सरकारी स्वास्थ्य सेवा (NHS या नेशनल हेल्थ सर्विस) के मेंटल हेल्थ सेक्टर की कलई खोल दी। क्विन ने बताया कि किस तरह रेप और यौन शोषण का शिकार होने के बाद उन्हें हॉस्पिटल से भागना पड़ा। अब सरकार दबाव में है।

‘नेशनल स्कैंडल’

ब्रिटिश मीडिया में इस मामले को ‘नेशनल शेम स्कैंडल’ कहा जा रहा है। नेशनल लेवल स्विमर रह चुकीं क्विन ने पॉडकास्ट में कहा- मेंटल हेल्थ केयर सेंटर में कई बार मेरा यौन शोषण किया। इसके बाद मैं बहुत मशक्कत के बाद वहां से भाग निकली। अब देश और दुनिया को सच्चाई बता रही हूं। मैं ऑटिज्म के इलाज के लिए वहां गई थी।

क्विन का बयान सामने आने के बाद एक लॉ ग्रेजुएट भी सामने आई। इसके बाद एक महिला ने भी बयान दिया। कहा-मैंने एक मेंटल हेल्थ सेंटर में पांच महीने वहां के पुरुष कर्मचारियों के हाथों सेक्शुअल अब्यूज झेला। पहले चुप रही, लेकिन क्विन के बयान के बाद अब सच बोलना चाहती हूं। क्विन कहती हैं- मैं सोचती थी कि हॉस्पिटल में रेप और सेक्शुअल एब्यूज का शिकार सिर्फ मैं हुई, लेकिन ऐसी हजारों लड़कियां और महिलाएं हैं।

2011 में ब्रिटेन के डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ ने सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें कहा गया था कि पुरुष और महिला मरीजों को साथ नहीं रखा जाना चाहिए। कम से कम इनके लिए वॉर्ड और स्टाफ अलग होना चाहिए।

रिपोर्ट कहती है- इस रिकमंडेशन पर कितना अमल हुआ? ये तो नहीं पता। लेकिन 12 साल बाद भी इन मेंटल केयर सेंटर्स से रेप और सेक्शुअल अब्यूज के हजारों मामले सामने आ रहे हैं और ये शर्म की बात है।

शब्दों का हेरफेर भी देखिए

दोनों मीडिया हाउसेज ने सरकार से 50 मामलों की जानकारी मांगी। सरकार ने ‘लफ्जों की बाजीगरी’ दिखाई। मसलन, रेप और सेक्शुअल एब्यूज…जैसे शब्दों का इस्तेमाल ही नहीं किया गया। बल्कि इनकी जगह ‘सेक्शुअल सेफ्टी इन्सीडें्टस’ लिखा गया। जवाब भी 50 में से 38 मामलों के ही मिले।

रिपोर्ट के मुताबिक- 2019 से 2023 के बीच सेक्शुअल सेफ्टी इन्सीडें्टस के करीब 20 हजार मामलों की शिकायत दर्ज हुई। सेक्शुअल सेफ्टी इन्सीडेंट्स की एक तय परिभाषा यानी डेफिनेशन है। इसमें रेप, सेक्शुअल एब्यूज या हैरेसमेंट और कुछ दूसरी चीजें शामिल की गई हैं।

जनवरी 2023 से अगस्त 2023 के बीच इस तरह के 4 हजार मामले सामने आए। मेंटल हेल्थ सेंटर्स के ऑपरेशन की जिम्मेदारी NHS के तहत आने वाले स्पेशल ट्रस्ट बोर्ड्स करते हैं। ये 2020 में जारी गाइडलाइन्स को ही फॉलो नहीं कर सके हैं।