सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कइंटीग्रेटेड ट्रेडन्यूज़ भोपाल: प्रदेश के परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह को 31 मार्च तक 1600 करोड़ रुपए का राजस्व विभाग के लिए जुटाना है। उन्हें इस टारगेट को हासिल करने के साथ इससे आगे निकलने की चिंता है और इसीलिए उन्होंने विभाग के अफसरों को अभी से राजस्व जुटाने के हिसाब से वर्किंग करने को कहा है। दूसरी ओर प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री के सामने 413 नगरीय निकायों की मूलभूत सुविधाएं बनाए रखने और ऐसा न होने पर सरकार की छवि खराब होने की चिता है। इसलिए विजयवर्गीय ने अफसरों से कहा है कि जहां से बजट मिल सकता है, उसकी जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई जाए।

परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में इस वर्ष परिवहन कर से लक्ष्य से अधिक राजस्व हासिल किया जाए। मंत्रालय में विभाग की राज्य स्तरीय बैठक में उन्हें बताया गया कि चालू वित्त वर्ष में विभाग को 4800 करोड़ रुपए का राजस्व लाना है जिसके विपरीत विभाग ने 31 दिसंबर 23 तक करीब 3200 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल कर लिया है। बैठक में बताया गया कि विभाग में लायसेंस, रजिस्ट्रीकरण, परमिट सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। विभाग में जल्द ही ई-रिकॉर्ड संधारित करने की प्रणाली लागू की जा रही है। विभाग में फेसलेस लर्निंग ड्रायविंग लायसेंस प्रणाली को सम्पूर्ण प्रदेश में लागू किया गया है। ड्रायविंग लायसेंस के नवीनीकरण और डुप्लीकेशन के लिये ऑनलाइन प्रणाली विकसित की गई है। बैठक में जानकारी दी गई कि वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस लगाने के लिये 16 कम्पनियों को अधिकृत किया जा चुका है।

योजनाओं में लंबित राशि प्राप्त करें, बजट की जानकारी दें-विजयवर्गीय

नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने भी विभाग के मंत्री का पदभार संभालने के बाद पहली विभागीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्र से मिलने वाली राशि के लिये पत्र तैयार करें ताकि पता चल सके कि कितना फंड केंद्र सरकार से मिलना है और कितना मिल चुका है। इसके लिये नई दिल्ली में उच्च स्तर पर प्रयास किये जायेंगे। इसी तरह राज्य स्तर पर योजना पर राशि प्राप्त करने के लिये वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की जायेगी। विजयवर्गीय ने कहा कि नगरीय निकायों के अंतर्गत आने वाले धार्मिक स्थानों का चयन कर वहां पर्यटन सुविधा बढ़ाने के लिये ठोस प्रयास करने होंगे। इसके लिये राज्य सरकार से पर्याप्त बजट राशि प्राप्त की जायेगी।