आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आज कार्तिक पूर्णिमा है। वाराणसी और अयोध्या में कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान चल रहा है। सोमवार सुबह 4 बजे से ही वाराणसी के दशाश्वमेध समेत गंगा के 80 घाटों पर करीब 5 लाख श्रद्धालु गंगा स्नान कर चुके हैं। वहीं, अयोध्या में 15 लाख श्रद्धालु सरयू नदी के घाटों पर मौजूद हैं।

सरयू नदी के घाटों पर पैर रखने के लिए जगह नहीं है। घाटों पर कहीं कथा सुनी जा रही है, कहीं कार्तिकेय का पूजन हो रहा है। आस्था की डुबकी के बाद आज देव दीपावली भी मनाई जाएगी। वाराणसी के घाटों पर आज शाम 21 लाख दीप जलाए जाएंगे।

सबसे पहले देखिए काशी के गंगा घाट पर स्नान की फोटो…

काशी: समय- सुबह 4 बजे। घाटों पर पैर रखने की जगह नहीं थी।

काशी: प्रशासन का अनुमान है कि दोपहर एक बजे तक 5 लाख लोगों ने स्नान किया।

अब अयोध्या के सरयू नदी के घाटों के दृश्य देखिए…

अयोध्या: यहां के घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।

अयोध्या: दोपहर एक बजे तक 8 लाख से ज्यादा लोगों ने स्नान किया।

अयोध्या: पुलिस सुरक्षा बेहद सख्त थी। सीसीटीवी से घाटों पर नजर रखी गई।

70 देशों के राजदूत और 150 से ज्यादा विदेशी डेलीगेट्स भी रहेंगे मौजूद

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी के साथ ही 70 देशों के राजदूत और 150 से ज्यादा विदेशी डेलीगेट्स भी यहां मौजूद रहेंगे।

काशी के 9 किमी पर स्थित गंगा घाट और वरुणा के 4 किमी घाट के अलावा कुंड और तालाब यानी करीब 100 से ज्यादा जगहों पर 21 लाख दीपक जलाए जाएंगे।

देव दीपावाली पर 12 लाख पर्यटकों के आने का प्रशासन का अनुमान है। अब तक 5 लाख श्रद्धालु गंगा में स्नान कर चुके हैं।

काशी में करीब 1300 होटल, 500 से ज्यादा पेइंग गेस्ट, गेस्ट हाउस और लॉज, डोरमेंट्री फुल हैं। इसमें 16 फाइव स्टार, 45 फोर स्टार, 605 थ्री स्टार, बाकी सामान्य होटल्स, पीजी, डॉरमेट्री और VIP गेस्ट हाउस हैं।

देव दीपावली में औसतन 15-30 % तक होटल व लॉज के किराए की वृद्धि हुई है। हालांकि, इसका ऑफिशियल बयान नहीं है।

गंगा में 2000 नावें, 5 क्रूज, एक जलपरी (बड़ी नाव) बुक है। इससे बैठकर पर्यटक देखेंगे। इसमें अलग-अलग किराया है। ट्रैवल एजेंसियों ने नावों को बुक कर रखा है।

बाबा विश्वनाथ को 11 टन फूलों से सजाया गया है। यह फूल मलेशिया, बेंगुलुरु, कलकत्ता से आए हैं।

शाम को 6 बजे के बाद बाबा विश्वनाथ के गंगा द्वार और चेत सिंह किले पर होलोग्राफिक 3D लेजर एंड साउंड शो होगा। यह शिव-शक्ति की कथाओं और श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर स्थापना से जुड़ी जानकारियां देगा।

भगवान किले की लाल दीवारों पर भगवान शिव का साक्षात्कार होगा। इसके बाद बाद फायर क्रेकर शो होगा। जिसमें ग्रीन आतिशबाजी से आकाश में भगवान शंकर का स्वरूप दर्शाया जाएगा। गंगा द्वार पर 5-5 मिनट और चेत सिंह किला पर 25-25 मिनट का शो होगा।

शाम 5.35 बजे जलेगा देव दीपावली का पहला दीया

देव दीपावली का पहला दीया पंचगंगा घाट पर जलेगा। यहां पर शाम 5 बजकर 35 मिनट पर पहला दीया जलते ही पूरे काशी में देव दीपावली की शुरुआत हो जाएगी। 17वीं सदी में अहिल्याबाई होल्कर ने यहां पर रखवाए हजारा (पत्थर से बना दीपों का टॉवर) पर दीप जलेंगे। फिर, सारे 21 लाख दीये 15 मिनट के अंदर-अंदर जल उठेंगे। गंगा-वरुणा के 100 से ज्यादा घाट और 80 कुंड-तालाब लाल-पीली रोशनी में नहा उठेंगे।

गंगा घाटों पर दीप जलाने के लिए करीब 2000 कनस्टर इडेबल ऑयल भेजे गए हैं। आज दोपहर 3 बजे के बाद सभी 21 लाख दीया-बाती के रखने का काम शुरू हो जाएगा। इसमें शाम 5 बजे तक तेल डाले जाएंगे। फिर, 5.35 बजे शाम को दीया जलते ही देव दीपावली का महापर्व शुरू हो जाएगा। इससे पहले यूपी में रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव मनाया गया था। इसमें 22.23 लाख दीपों को विश्व रिकॉर्ड बना था।

अयोध्या में 7वां दीपोत्सव भव्य तरीके से मनाया गया। राम की पैड़ी से लेकर सरयू घाट तक को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया। इनमें लेजर लाइट्स सबसे खास रहीं। 22.23 लाख दीपों के जलने के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बन गया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ 50 देशों के राजदूतों, पद्मविभूषण आशा पारेख और कई राज्यों से आए कलाकार इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।