आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहिबाबाद से देश की पहली रैपिड ट्रेन नमो भारत का हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने बटन दबाकर RRTS कनेक्ट ऐप की भी शुरुआत की। इस ऐप से रैपिड रेल की पूरी जानकारी मिलेगी। PM ने मोबाइल से QR कोड स्कैन करके पहला टिकट खरीदा।

उद्घाटन से पहले केंद्र सरकार ने इस इस रैपिडेक्स ट्रेन का नाम बदलकर नमो भारत कर दिया है। इस पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा,”नमो स्टेडियम के बाद अब नमो ट्रेन। आत्म-मुग्धता की कोई पराकाष्ठा नहीं है। इससे पहले अहमदाबाद स्टेडियम का नाम भी नरेंद्र मोदी स्टेडियम किया जा चुका है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा- भारत ही क्यों लिखा? देश का नाम भी बदलकर नमो कर दें।

खुली जिप्सी से जनसभा में पहुंचे, हाथ हिलाकर अभिवादन किया

PM मोदी ने नमो भारत ट्रेन में सफर पूरा किया। इस दौरान उन्होंने ट्रेन की महिला स्टाफ से बातचीत की। उन्होंने सीट पर बैठकर कुछ छोटी–छोटी स्कूली बच्चियों से भी बातचीत की। ट्रेन के सफर के बाद पीएम मोदी वसुंधरा सेक्टर-आठ के मैदान पर पहुंचे। खुली जिप्सी पर हाथ हिलाते हुए वह लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे हैं। पीएम मोदी को मंच पर CM योगी ने मां दुर्गा की प्रतिमा और नमो भारत का मॉडल भेंट किया।

हरदीप सिंह पुरी बोले-हम टोक्यो से आगे निकल गए

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा,”आज 20 शहरों में 895 Km की मेट्रो लाइन ऑपरेशन है। देश में 1 करोड़ लोग रोजाना मेट्रो का उपयोग करते हैं। 19वीं सदी में भारत में सुरंग में मेट्रो असंभव लगता था। मै सोचता था कि भारत क्या कभी मेट्रो के मामले में टोक्यो की तुलना कर पाएगा। लेकिन अब हम उससे आगे निकल गए हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औपचारिक रूप से बेंगलुरु के दो मेट्रो खंडों को राष्ट्र को रिमोट से बटन दबाकर समर्पित किया। इनमें बैयप्पनहल्ली को कृष्णराजपुरा और केंगेरी को चैल्लाघट्टा से जोड़ने वाले खंड शामिल हैं। इस दौरान कर्नाटक CM सिद्धारमैया भी आयोजन में वर्चुअल जुड़े। इस गलियारे को 9 अक्टूबर 2023 को औपचारिक उद्घाटन की प्रतीक्षा किए बिना सार्वजनिक सेवा के लिए खोल दिया गया था।

3 तस्वीरों में पीएम मोदी का सफर

‘पहली नमो भारत उत्तर प्रदेश को मिली’

CM योगी आदित्यनाथ ने कहा,”विजयदशमी के पूर्व इस उपहार के लिए प्रदेश की जनता की तरफ से आपका स्वागत करता हूं। साढ़े 9 साल में इस देश ने वर्ल्ड क्लास कार्य देखा है। वन्देभारत ट्रेन ने नए भारत का दर्शन कराया है। आज पहली नमो भारत उत्तर प्रदेश को दी है। फरवरी में आपके द्वारा आगरा में मेट्रो रेल का संचालन प्रारंभ होगा। वाराणसी में पहली रोप-वे सर्विस का कार्य युद्ध स्तर पर आगे बढ़ रहा है। रैपिड रेल सेवा दिल्ली से मेरठ की दूरी को कम कर देगी। 12 लेन का एक्सप्रेस वे (दिल्ली–मेरठ) उत्तर प्रदेश में एक सपना था। लेकिन मोदी है तो मुमकिन है।”

160 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ी रैपिड रेल

160 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली ये ट्रेन फेज-1 में साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक 17 किमी एरिया में चलाई जा रही है। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 82 किमी है। जिसमें से 14 किमी का हिस्सा दिल्ली में है, जबकि 68 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में है।

इसे दिल्ली मेट्रो की विभिन्न लाइनों के साथ जोड़ा जाएगा। ये अलवर, पानीपत और मेरठ जैसे विभिन्न शहरों को भी दिल्ली से जोड़ेगी। यानी कुल-मिलाकर इसे हम बुलेट ट्रेन का ट्रेलर मान सकते हैं।