तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की लॉन्चिंग 5 सितंबर को होने वाली है। इससे पहले ही आईपीओ पर रोक लगाने की मांग को लेकर कुछ निवेशकों ने प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) का रुख किया था। निवेशकों की मांग थी कि आईपीओ पर रोक लगा दी जाए लेकिन सैट ने याचिका को खारिज कर दिया है।

6 निवेशकों की याचिका: न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक छह विदेशी संस्थागत निवेशक शेयरधारकों ने याचिका दायर की थी। इन सभी सदस्यों के पास बैंक की सामूहिक रूप से 23.2 प्रतिशत हिस्सेदारी है। छह विदेशी निवेशकों में से रॉबर्ट एंड अर्डिस जेम्स कंपनी की बैंक में 4.95 प्रतिशत, स्टारशिप इक्विटी होल्डिंग्स की 4.72 प्रतिशत, सबकॉन्टिनेंटल इक्विटी की 4.64 प्रतिशत, ईस्ट रिवर होल्डिंग्स की 3.72 प्रतिशत, स्विस रे इन्वेस्टर्स मॉरीशस की 1.90 प्रतिशत और एफआई इन्वेस्ट मॉरीशस की 1.48 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

इस बीच, निजी क्षेत्र के बैंक ने बताया कि उसने अपने आईपीओ से पहले एंकर निवेशकों से 363 करोड़ रुपये से थोड़ी अधिक राशि जुटाई है। बीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी ने एंकर निवेशकों को 510 रुपये के भाव पर 71.28 लाख इक्विटी शेयर आवंटित करने का फैसला किया है, जो 363.53 करोड़ रुपये बैठता है। बता दें कि करीब 100 साल पुराने बैंक ने अपने 832 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए प्रति शेयर 500-525 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है। आईपीओ पांच सितंबर को खुलकर सात सितंबर को बंद होगा।