सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मतदाता सूचियों से Special Intensive Revision (SIR) के दौरान हटाए गए हजारों लोगों के मतदान अधिकार को लेकर कोलकाता और हावड़ा में आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले अनिश्चितता बनी हुई है। नवंबर में निकाय चुनाव होने की संभावना के बीच यह सवाल गहरा रहा है कि जिन पात्र मतदाताओं की अपीलें अब भी लंबित हैं, वे चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा ले पाएंगे या नहीं।

The Hindu में 26 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी दलों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि मतदाता पुनः नामांकन अभियान और मतदाता सूचियों के Special Summary Revision (SSR) पूरा होने के बाद ही नगर निकाय चुनाव कराए जाएं। उनका कहना है कि चुनाव टालने से उन पात्र मतदाताओं को मतदान से पहले अपना नाम फिर से जुड़वाने का अवसर मिल सकेगा, जिनके नाम हटा दिए गए थे।

26 अक्टूबर को राज्य निर्वाचन आयुक्त कृष्णा गुप्ता को सौंपे गए ज्ञापन में SIR अपीलीय अधिकरणों के समक्ष लंबित अपीलों पर विचार करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए 28 अक्टूबर को प्रतिनिधियों से मिलने पर सहमति जताई।

गणना चरण के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और मृत मतदाता जैसी श्रेणियों में करीब 60 लाख नाम हटाए गए थे। इसी बीच अधिकरणों के सामने 37 लाख से अधिक अपीलें लंबित हैं, जिनमें कोलकाता और हावड़ा से जुड़ी लगभग 1.6 लाख अर्जियां शामिल हैं।

निर्वाचन आयोग ने मतदाता पुनः नामांकन को सुगम बनाने के लिए कदम शुरू किए हैं। अंतिम SSR सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जानी है। मतदाता सूचियों और चुनाव समय को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग का निर्णय यह तय करने में अहम होगा कि प्रभावित मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग कैसे कर पाएंगे।


Hashtags: #पश्चिमबंगालराज्य #भोपाल #हटाएगएमतदाता #कोलकाता #निकायचुनाव #मतदातासूची #SIR #SSR #हावड़ा #कोलकातानिकायचुनावमें