सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कोलकाता: लक्ष्मी पूजा के दौरान नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) नेता सुदीप बंद्योपाध्याय के आवास पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी के बाद पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस मुलाकात ने आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले भाजपा और एनसीपीआई के बीच संभावित समझ को लेकर अटकलें फिर बढ़ा दी हैं।
अधिकारी ने इस दौरे को शिष्टाचार भेंट बताया। उन्होंने कहा कि बंद्योपाध्याय ने उन्हें परिवार के लक्ष्मी पूजा समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। अधिकारी ने इस बात से इनकार किया कि यह मुलाकात राजनीतिक चर्चा के लिए थी। हालांकि, बंद्योपाध्याय ने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा को समर्थन देने के लिए तैयार है और संकेत दिया कि नागरिक चुनावों में भागीदारी को लेकर चर्चा जल्द अंतिम रूप ले सकती है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब संभावित चुनावी तालमेल को लेकर बंगाल भाजपा के भीतर अलग-अलग राय दिख रही है। कई वरिष्ठ प्रदेश नेताओं का कहना है कि पार्टी को नगर निकाय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहिए, क्योंकि उसके पास अपने उम्मीदवार उतारने के लिए पर्याप्त संगठनात्मक ताकत है।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने हाल में दोहराया था कि भाजपा कोलकाता नगर निगम चुनावों में सभी 209 वार्डों पर बिना गठबंधन के चुनाव लड़ेगी। प्रदेश भाजपा नेताओं ने उन पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेताओं को समायोजित करने को लेकर भी चिंता जताई है, जो एनसीपीआई में चले गए हैं।
तृणमूल कांग्रेस सांसदों के एक समूह के एनसीपीआई में जाने और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को समर्थन देने के बाद एनसीपीआई एक राजनीतिक कारक के रूप में उभरी।
अधिकारी की यात्रा ने राजनीतिक समीकरण बदलने की अटकलों को हवा जरूर दी है, लेकिन भाजपा-एनसीपीआई के किसी औपचारिक चुनावी गठबंधन की पुष्टि नहीं हुई है। नगर निकाय चुनावों की तैयारियां आगे बढ़ने के साथ पार्टी की अंतिम स्थिति और उम्मीदवार चयन की रणनीति अधिक स्पष्ट होगी।
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