आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ नाना पटोले ने सरकार बनते ही मराठा आरक्षण देने की बात कही। नाना ने कहा कि अगर देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस राज्य में सरकार बनाती है तो जातिगत जनगणना के आधार पर मराठा आरक्षण की व्यवस्था करेगी।
नाना ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केंद्र और राज्य की भाजपा-शिवसेना सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार इन मुद्दों का समाधान करने को तैयार नहीं है। कांग्रेस सरकार बनते ही इन मामलों को सुलझाया जाएगा। राहुल गांधी की जातिगत जनगणना की मांग इन मुद्दों की जड़ तक पहुंचने और उन्हें सॉल्व करने के लिए है।
नाना ने कहा कि महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार किसानों प्रति उदासीन है। सरकार ने उन किसानों के लिए कुछ नहीं किया, जिन्होंने बारिश न होने के कारण अपनी फसल खो दी।
PM राज्य का दौरा कर गुजरात इंवेस्टमेंट ले जाते
नाना पटोले ने इंडस्ट्रियल इंवेस्टमेंट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया। नाना ने कहा कि महाराष्ट्र में इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट घट रहा है। जब भी PM मोदी राज्य का दौरा करते हैं, तो वो गुजरात के लिए इन्वेस्टमेंट के कुछ मौके ले जाते हैं। इससे राज्य के रेवेन्यू पर असर पड़ा है।
मराठा उचित आरक्षण चाहते, इसे हासिल करेंगे
वहीं, सोमवार को ही नवी मुंबई में एक मीटिंग में मराठा कार्यकर्ता और आरक्षण के लिए अनशन कर चुके मनोज जारांगे ने कहा कि मराठा कई साल से आरक्षण के लिए लड़ रहे हैं। हम अपने लिए उचित आरक्षण चाहते हैं और इसे हासिल करेंगे। आरक्षण के लिए कमेटियां बनीं लेकिन कोई भी मराठा समुदाय को न्याय नहीं दे सकी।
मराठा आरक्षण के लिए सरकार तैयार
मराठा आरक्षण को लेकर राज्य में चले लंबे आंदोलन के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 1 नवंबर को सर्वदलीय बैठक की। इसमें शरद पवार समेत 32 पार्टियों के नेता शामिल हुए। बैठक के बाद शिंदे ने कहा- सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के नेता इस बात पर सहमत हुए कि मराठा समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए।
शिंदे ने कहा कि यह निर्णय लिया गया कि आरक्षण कानून के दायरे में और अन्य समुदाय के साथ अन्याय किए बिना होना चाहिए। इसके बाद से राज्य सरकार कुनबी सर्टिफिकेट जारी कर रही है।
14 दिन में 27 ने दी जान
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन हिंसक हो गया था। 14 दिन में 27 लोगों ने सुसाइड किया था। मनोज जरांगे ने 9 दिन भूख हड़ताल की, जिसमें आखिरी के दो दिन उन्होंने पानी भी नहीं पिया। ठाणे के भिवंडी में आंदोलनकारियों ने CM एकनाथ शिंदे और डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस के पोस्टर्स पर कालिख पोती। ये पोस्टर्स बसों पर लगे हुए थे।
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग का मुद्दा 30 अक्टूबर को राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया, जब प्रदर्शनकारियों ने NCP अजीत पवार गुट के विधायक प्रकाश सोलंके के घर और दफ्तर पर पथराव कर दिया। इस मांग को लेकर पिछले 42 सालों में 50 से ज्यादा लोगों की जान जाने का दावा किया जा रहा है।
महाराष्ट्र सरकार मराठा आरक्षण देने को तैयार:मनोज जरांगे ने भूख हड़ताल खत्म की, सरकार को 2 जनवरी तक का समय दिया
महाराष्ट्र में महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 25 अक्टूबर से अनशन कर रहे मनोज जरांगे ने गुरुवार (2 नवंबर) को अनशन खत्म कर दिया। मनोज ने सरकार को 2 जनवरी 2024 तक का समय दिया है। इसके पहले रिटायर्ड जज सुनील शुक्रे, एमजी गायकवाड़ ने मनोज से मुलाकात की। उन्होंने मनोज को बताया कि सरकार स्थायी आरक्षण देने के लिए कानूनी तौर पर क्या करेगी।