सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है। कांग्रेस भी पंजाब में अपनी चुनावी रणनीति बनाने की तैयारी में है। इसके मद्दे नजर 1 फरवरी को कांग्रेस चुनाव समिति की अहम बैठक हुई थी। इस बैठक से पार्टी नेता नवजोत सिंह सिद्धू नदारद रहे। उन्होंने कुछ अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ अलग से बैठक की। अब इस मामले में कांग्रेस आलाकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। शनिवार को पार्टी ने सिद्धू को नोटिस जारी किया है।

11 फरवरी को मल्लिकार्जुन कर सकते हैं कार्रवाई

पंजाब कांग्रेस से जुड़े पुख्ता सूत्रों से पता चला है कि पार्टी ने नवजोत सिंह सिद्धू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि 11 फरवरी को पंजाब में लुधियाना के समराला में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली है। रैली के बाद पार्टी सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई करेगी। इस मामले को लेकर पंजाब कांग्रेस के तमाम नेता भी कांग्रेस प्रभारी देवेन्द्र यादव के सामने एकजुट हो गए हैं।

देवेंद्र यादव की मीटिंग में नहीं पहुंचे थे सिद्धू

बता दें कि कांग्रेस आलाकमान द्वारा देवेंद्र यादव को पंजाब का प्रभाई बनाकर भेजा गया था। जोकि अलग क्षेत्रों में मीटिंग कर रहे थे। पंजाब में लोकसभा चुनाव को लेकर चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में प्रभारी देवेंद्र यादव की मौजूदगी में अहम बैठक हुई थी। सिद्धू उक्त बैठक में भी शामिल नहीं हुए। लेकिन उन्होंने पूर्व अध्यक्ष लाल सिंह, शमशेर सिंह दूलों और महेंदर केपी के साथ अलग से बैठक की और उसका फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी शेयर की।

ऐसे शुरू हुआ यह नया विवाद

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी इंचार्ज देवेंद्र यादव बुधवार को जालंधर लोकसभा हलके में नेताओं की नब्ज टटोलने पहुंचे थे। उनके साथ ही कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा थे। इस मौके पर जब बाजवा कार्यकताओं को मंच से से एक जुट होने के लिए संबोधित कर रहे थे तो ऐसे में उन्होंने सिद्धू का नाम लिए बिना कहा कि ” जब गैंगरीन हो जाती तो समय से अंगूठा काट देना चाहिए।

वरना पैर काटना पड़ता है, नहीं तो टांग तक काटनी पड़ती है।” उसके बाद जब एक अन्य जगह पर सिद्धू से इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने बाजवा स्टाइल में जवाब दिया, उन्होंने कहा “जो अपना अंग काटना चाहता है वह काट सकता है।” इसके बाद वह हंसते हुए वहां से निकल गए।

एक महीने से चल रहा है शीत युद्ध

प्रताप सिंह बाजवा व सिद्धू में जंग एक महीने से चल रही है। दिसंबर में नवजोत सिद्धू ने बठिंडा के मेहराज में रैली की। इसी दिन शाम को प्रताप बाजवा लुधियाना के खन्ना पहुंचे। उन्होंने सिद्धू को दो-टूक नसीहत देते हुए कहा-” वह अपना अलग अखाड़ा न लगाएं। यह अच्छी बात नहीं है। सिद्धू पार्टी के साथ चलें। पार्टी के मंच पर आएं।”

बाजवा सिद्धू पर तंज कसने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि सिद्धू के प्रधान रहते कांग्रेस पिछले विधानसभा चुनाव में 78 से 18 सीटों पर आ गई। इस पर सिद्धू ने पलटवार करते हुए कहा था कि ”मुझे बहुत खुशी होगी, अगर कांग्रेस की विचारधारा, पंजाब के पुनर्रुद्धार के एजेंडे का प्रचार करने और वर्तमान सरकार को जन कल्याण के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए 100 कांग्रेसी भी एक गांव या शहर में इकट्ठा हों।