आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : 371 करोड़ रुपए के स्किल डेवलपमेंट घोटाले में गिरफ्तार हुए आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में राजामुंद्री जेल भेज दिया गया। इस बीच राज्य के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने कोर्ट में एक याचिका दाखिल करके चंद्रबाबू की 15 दिन की कस्टडी मांगी है। इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी।
वहीं, सोमवार को ही चंद्रबाबू की लीगल टीम ने विजयवाड़ा के एंटी करप्शन ब्यूरो कोर्ट में एक याचिका दाखिल करके उन्हें जेल से रिहा करके हाउस अरेस्ट में रखने की अपील की है। मंगलवार (12 सितंबर) को इस याचिका पर कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। चंद्रबाबू के वकीलों ने आशंका जताई थी कि जेल के अंदर चंद्रबाबू की सुरक्षा को खतरा है।
72 घंटों से हाउस अरेस्ट में हैं सभी 19 TDP विधायक
इस बीच राज्य सरकार ने TDP के सभी 19 विधायकों को 72 घंटे से हाउस अरेस्ट में रखा हुआ है। पार्टी के सभी नेताओं के घरों के बाहर शनिवार सुबह से ही पुलिस तैनात है। जब चंद्रबाबू को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया गया उस दौरान भी पार्टी नेताओं को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया। सोमवार को जब पार्टी ने राज्य में बंद बुलाया और कार्यकर्ताओं ने चंद्रबाबू की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, तब तक सभी 19 विधायक हाउस अरेस्ट में ही थे।
9 सितंबर को नंदयाल से गिरफ्तार किए गए थे चंद्रबाबू
CID ने चंद्रबाबू को 9 सितंबर को नंदयाल से गिरफ्तार किया था। रविवार (10 सितंबर) को उन्हें विजयवाड़ा कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सोमवार तड़के नायडू को विजयवाड़ा से 200 किमी दूर राजमहेंद्रवरम में राजामुंद्री सेंट्रल जेल ले जाया गया।
चंद्रबाबू इस जेल में 23 सितंबर तक रहेंगे। सुरक्षा को देखते हुए उन्हें जेल की स्नेहा विंग में ऊपरी ब्लॉक में कैदी नंबर 7691 के साथ रखा गया है। कोर्ट ने उन्हें घर का खाना और दवाइयां उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया है।
TDP कार्यकर्ताओं ने राज्य में प्रदर्शन किया, YSRCP कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े
चंद्रबाबू की गिरफ्तारी के विरोध में तेलुगु देशम पार्टी ने राज्य में बंद बुलाया था। कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन किया। वहीं, सत्ताधारी पार्टी YSRCP के कार्यकर्ताओं ने चंद्रबाबू की गिरफ्तारी को लेकर जश्न मनाया। कई जगहों पर रविवार रात पटाखे फोड़े गए।
क्या है स्किल डेवलपमेंट घोटाला
साल 2016 में तत्कालीन CM चंद्रबाबू नायडू ने बेरोजगार युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने के तहत आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (APSSDC) की स्थापना की थी।
APSSDC की 3,300 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए TDP सरकार ने सीमेंस इंडस्ट्री सॉफ्टवेयर इंडिया लिमिटेड और डिजाइन टेक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड की ग्रुप कंपनियों के साथ एक MoU साइन किया।
इस करार के तहत सीमेंस इंडस्ट्री सॉफ्टवेयर इंडिया को स्किल डेवलपमेंट के लिए 3,300 करोड़ की लागत से छह एक्सिलेंस सेंटर स्थापित करना था।
राज्य सरकार को प्रोजेक्ट के कुल लागत का 10 फीसदी भुगतान करना था, जबकि मदद के रूप में बाकी राशि सीमेंस और डिजाइन टेक को देना था।