आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: लोकसभा चुनाव के लिए मार्च में संभावित चुनाव आचार संहिता के चलते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों और विधायकों से विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। भाजपा सांसदों से 50 करोड़ और विधायकों से 15 करोड़ रुपए तक के प्रस्ताव मांगे गए हैं ताकि जनता के बीच जब बीजेपी के नेता पहुंचें तो नई सरकार के विकास कार्यों का खाका पेश करने में दिक्कत न हो। उधर मोहन कैबिनेट के मंत्री अपने विभागों का परफार्मेंस दिखाने में जुट गए हैं और उनके द्वारा 100 डेज प्लान तैयार कर उसके एग्जीक्यूशन के लिए अफसरों से कहा जा रहा है।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की तीसरी बार भारी बहुमत से वापसी को लेकर बीजेपी के विकसित भारत संकल्प यात्रा एमपी में चल रही है। इस यात्रा का समापन 26 जनवरी को होना है। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सभी सांसदों और विधायकों से क्षेत्र के विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे हैं। विधायको से 15 करोड़ रुपए तक के विकास कार्य की कार्य योजना मांगी गई है जबकि सांसदों से 50 करोड़ तक के प्रस्ताव 15 जनवरी के पहले मांगे गए हैं।
पार्टी बैठकों में दिए गए इन निर्देशों में कहा गया है कि सड़क, पुल, सामुदायिक भवन व अन्य निर्माण कार्यों के प्रस्ताव देने के बाद सरकार इस पर सौ दिन में अमल कराने की तैयारी में जुटेगी। इसके साथ ही
इन प्रस्तावों को आगामी लेखानुदान बजट में शामिल करने के साथ प्रदेश के विकास के रोडमैप में भी शामिल किया जाएगा। सांसद और विधायकों से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र के नगरीय निकाय और जनपद के अफसरों के अलावा कलेक्टरों और जिला पंचायत सीईओ के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कर भेजें ताकि उसका आकलन कराकर उस पर अमल की तैयारी की जा सके।
इन विभागों के लिए मांगे जा चुके हैं प्लान
दूसरी ओर मोहन यादव कैबिनेट ने पदभार संभालने के बाद अफसरों से 100 दिन का प्लान मांगा है जिस पर अमल कर जनता के बीच रिपोर्ट कार्ड पेश किया जा सके। जिन विभागों के मंत्रियों ने पद भार संभालने के बाद विभागों के प्रमुख सचिवों और विभागों को 100 डेज के प्लान और पांच साल की कार्ययोजना के लिए मीटिंग में निर्देश दिए हैं, उसमें लोक निर्माण विभाग, पंचायत और ग्रामीण विकास, पीएचई, नगरीय विकास और आवास, जल संसाधन, एमएसएमई, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के मंत्री शामिल हैं। इसके अलावा परिवहन, खनिज साधन, महिला और बाल विकास, राजस्व और सहकारिता विभाग के मंत्रियों ने भी बैठकें लेकर अफसरों से प्लान मांगा है और उसे एग्जीक्यूट करने को भी कहा है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री ने सोमवार को पदभार संभालकर कार्ययोजना मांगी है।