आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : हिमाचल के ऊना में मशहूर शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में VVIP को ‘पास सिस्टम’ शुरू करने से मंदिर ट्रस्ट का खजाना भर रहा है। चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम दर्शन प्रणाली शुरू किए 4 माह बीते है। इन 4 महीनों में पास बनाने से एक करोड़ 16 लाख रुपए की इनकम हुई है।

VVIP को पास सिस्टम शुरू करने से मंदिर में लगने वाली लंबी लंबी लाइनों से भी छुटकारा मिला है। आम श्रद्धालु जो बिना पास के दर्शन करते हैं, उन्हें ज्यादा परेशान नहीं होती और न ही पहले की तरह वक्त लग रहा है। पूर्व में दर्शन करने में कई बार 4 से 5 घंटे लगते थे। मगर, अब डेढ़ से 2 घंटे में आसानी से दर्शन हो रहे हैं।

इस पैसे से गरीब बेटियों की शादी और बीमार का होता है इलाज

चिंतपूर्णी टेंपल ट्रस्ट इस पैसे से न केवल मंदिर परिसर में विकास कार्य करता है, बल्कि आर्थिक रूप से पिछड़ी बेटियों के विवाह के लिए 15-15 हजार रुपए की मदद भी कर रहा है। इसी तरह बीमार लोगों के उपचार के लिए खर्च, चिंतपूर्णी में कई सड़कें, टॉयलेट, शौचालय, रास्ते, मंदिर परिसर में कई तरह के कई तरह के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।

अगस्त से अब तक 1.16 करोड़ की आय

सुगम दर्शन प्रणाली के तहत पास का पैसा केवल VVIP से लिया जाता है। इसके बदले इन्हें सुविधाएं भी वैसी ही दी जा रही है। इनके दर्शन के लिए मंदिर में AC कॉरपेटेड लोन बनाया है। फिर उन्हें सॉफ्टवेयर जनरेटेड पास दिया जाता है। चाय-पानी पिलाने के बाद गोल्फ-कार्ट मंदिर की तरफ से फ्री लगाई गई है, उन गोल्फ कार्ट से लिफ्ट में मंदिर तक ले जाया जाता है। फिर दर्शन करवाकर वापस आते हैं।

रोजाना दिए जाते हैं 500 पास

चिंतपूर्णी मंदिर में रोजाना 500 पास मैक्सिमम दिए जाते हैं। प्रत्येक पास पर 5 लोग मां के दर्शन कर सकते हैं। यानी 2500 लोग रोजाना पास पर दर्शन करते हैं। पूर्व में अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए हर कोई VVIP बताकर आम श्रद्धालुओं के दर्शन में बाधा उत्पन्न करते हैं और VVIP लोग को पहले दर्शन कराए जाते थे।

4 कैटेगरी में दिए जाते हैं पास

चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं को 4 तरह के पास जारी किए जाते हैं। पहली कैटेगरी VVIP की है। इनसे 1100 रुपए की पर्ची काटी जाती है, जिसमें 5 श्रद्धालु माता के दरबार में हाजिरी लगा सकते हैं। दूसरी कैटेगरी में 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को एक अटेंडेंट के साथ 50 रुपए देने पड़ते हैं। तीसरी श्रेणी में दिव्यांगों को भी एक अटेंडेंट के साथ 50 रुपए देने होंगे, जबकि वहीं आम श्रद्धालु पहले की तरह मुफ्त में दर्शन कर सकेंगे।

मंत्री-विधायकों को नहीं देने पड़ेगा शुल्क

चौथी कैटेगरी में मंत्री, विधायकों और सांसदों के लिए दर्शन निशुल्क रखा गया है। इनकी कोई पर्ची नहीं काटी जाएगी। हालांकि दर्शन के लिए इन्हें भी अलग VVIP लाइन में खड़ा किया जाएगा।

विपक्ष ने किया था पास का विरोध

चिंतपूर्णी मंदिर में इसी साल सरकार ने अगस्त महीने में VVIP श्रद्धालुओं को पास शुरू किए थे। हालांकि विपक्ष ने इसका विरोध किया था। बावजूद इसके इसे जारी रखा गया और अब इससे सरकार व मंदिर ट्रस्ट को अच्छा राजस्व मिल रहा है।

SDM बोले- आज से लागू नई व्यवस्था

SDM विवेक महाजन ने बताया कि सुगम दर्शन प्रणाली से हो रही कमाई से न केवल डेवलपमेंट वर्क बल्कि सामाजिक कार्य भी किए जाते हैं। मंदिर में सभी श्रद्धालुओं का दर्शन भी सुगम हुआ है।