आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : IIT बनारस में छात्रा के गन पॉइंट पर कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाने वालों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इसके विरोध में आज फिर से छात्रों ने प्रदर्शन किया। IIT के डायरेक्टर ऑफिस के बाहर स्टूडेंट्स धरने पर बैठ गए। सड़क पर ही नोट्स, लैपटॉप और मोबाइल से पढ़ाई कर रहे हैं।

छात्रों ने क्लास का बहिष्कार कर दिया है। छात्रों का कहना है कि जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाएंगे, तब तक सड़क पर बैठकर ऐसे ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई होगी।

छात्राओं ने पुलिस से पूछा कि आरोपी कब पकड़े जाएंगे। बीटेक थर्ड ईयर की छात्रा ज्योति का कहना है कि पुलिस ने घटना के बाद दिलासा दी थी कि यहीं सड़क पर सबके सामने दरिंदों को मारेंगे। लेकिन, घटना को 7 दिन हो गए। आखिर आरोपी कहां हैं? क्यों पुलिस पकड़ नहीं पा रही है?

नारेबाजी नहीं, स्टडी कर रहे

दोपहर 1 बजे तक करीब 500 छात्र यहां बैठे थे, इनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। सभी छात्र अलग-अलग ग्रुप में बैठे हैं। नारेबाजी की बजाए चुपचाप स्टडी कर रहे हैं। कई छात्राएं महामना की तस्वीर लेकर बैठी हैं। कई छात्राओं के हाथ में पोस्टर है, जिसमें लिखा है-बिटिया से ‘पीड़िता’ कब तक।

IIT-BHU की स्टूडेंट पार्लियामेंट ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की है। उनका कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक अभियान चलेगा।

आज IIT-BHU में क्या हालात हैं, देखें तस्वीरें…

जांच SIT या CBI को सौंप देने की मांग

स्टूडेंट पार्लियामेंट के मेंबर प्रणव ने धरनास्थल पर एकजुट छात्रों से काफी एग्रेसिव अंदाज में अपनी मांगें स्पष्ट की। कहा कि पुलिस केवल लापरवाही बरत रही है। अब SIT या CBI को ये केस दे देना चाहिए। वे जांच दल हमें एग्जैक्ट टाइम बताएं कि कब तक आरोपियों को पकड़ पाएंगे। ये भी बताएं कि क्या वे आरोपियों को पकड़ने के लायक हैं भी या नहीं। हम तब तक सड़क पर पढ़ाई जारी रखेंगे।

रोज बन रहे नियम-कायदे, लेकिन आरोपी पकड़ से दूर

छात्रों का कहना है कि आरोपी अभी तक बाहर खुले में घूम रहे हैं। वाराणसी के बड़े पुलिस अफसर रोजाना BHU में आकर नियम-कायदे बनवाकर जा रहे हैं। हॉस्टल और कैंपस की व्यवस्था पर बैठक कर रहे हैं। लेकिन, छेड़छाड़ कर वीडियो बनाने वाले दरिंदों की लोकेशन पर पुलिस केवल विवेचना जारी रहने की बात कर रही है। आरोपियों के हर सवाल पर यही जवाब कि विवेचना जारी है।

वाराणसी पुलिस ने UP-STF, क्राइम ब्रांच समेत 6 टीमों को इस काम में लगा रखा है। 225 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज देखे गए। 15 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ हुई। आखिरकार, बुलेट से आए आरोपी कहां विलुप्त हो गए। पुलिस उनको क्यों नहीं ट्रैक कर पा रही है। DCP काशी आर एस गौतम के अनुसार, जांच काफी बारीकी से की जा रही है। कोई निर्दोष न फंसे, इसलिए काफी पड़ताल की जा रही है।