सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: चीन के विदेश मंत्रालय की स्पोक्सपर्सन हुआ चुनयिंग का प्रमोशन हो गया है। वह अब वाइस फॉरेंन मिनिस्टर बन गई हैं। चीन के विदेश मंत्रालय में 5 वाइस मिनिस्टर होते हैं। चुनयिंग इनमें से एक हैं और एकलौती महिला हैं। वो 2012 से विदेश मंत्रालय की स्पोक्सपर्सन थीं।
हांगकांग के मीडिया हाउस ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ के मुताबिक, अमेरिका के खिलाफ अपने आक्रामक रवैये के चलते चुनयिंग को अमेरिका विरोधी कहा जाता है। हुआ चीन की वुल्फ वारियर कूटनीति को सपोर्ट करती हैं और इसे आगे बढ़ा रही हैं।
हुआ चुनयिंग चीन की वुल्फ वॉरियर राजनयिकों की नई पीढ़ी से ताल्लुक रखती हैं। ऐसे चीनी राजनयिक चीन के बचाव के लिए उग्र और बेअदब तरीका अपनाते हैं और कई बार तो बेबुनियाद साजिश रचने का आरोप लगाते हैं। वुल्फ वॉरियर डिप्लोमेसी शब्द का इस्तेमाल राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2019 में चीन के लिए बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच किया था। इस दौरान चीन का अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध और हांगकांग में विरोध प्रदर्शन चरम पर था।
वुल्फ वॉरियर चीन की फिल्मों से लिया गया
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चीनी राजनयिकों के आक्रामक नजरिए के कारण उन्हें वुल्फ वॉरियर कहा जा रहा है। यह नाम चीन की फिल्मों से लिया गया।
वुल्फ वॉरियर और वुल्फ वॉरियर-2 चीन की बेहद पॉपुलर फिल्में हैं। इनमें चीन की एलीट स्पेशल फोर्स अमेरिकी नेतृत्व वाले भाड़े के सैनिकों और दूसरे लोगों से टक्कर लेती है। इसमें चीनी स्पेशल फोर्स के लोग हिंसक और कट्टरता की हद तक राष्ट्रवादी दिखाई देते हैं।
स्पेशल फोर्स के लोग चीनी खासियतों से भरे रैम्बो हैं। एक प्रोमोशनल पोस्टर में मुख्य किरदार अपनी मिडिल फिंगर को उठाते हुए कहता है, जो चीन को नुकसान पहुंचाएगा, वह चाहे कितना भी दूर क्यों नहीं हो, नष्ट कर दिया जाएगा।
2021 में असिस्टेंट फॉरेन मिनिस्टर बनीं थीं चुनयिंग
हुआ चुनयिंग ने 1992 में पहली बार विदेश मंत्रालय में कदम रखा था। उन्होंने कई राजनयिक भूमिकाएं निभाईं। 2010 में यूरोपीय मामलों के विभाग में काउंसलर के तौर पर काम किया। उन्होंने ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के चीनी मिशन में भी काम किया। 2012 में वो विदेश मंत्रालय की स्पोक्सपर्सन बनीं।
2021 में उन्हें असिस्टेंट फॉरेन मिनिस्टर और मंत्रालय के प्रेस विभाग के डायरेक्टर जनरल का पद सौंपा गया था। विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, वह अभी भी प्रेस विभाग का नेतृत्व करती हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि प्रमोशन के बाद वह इस पद पर बनी रहेंगी या नहीं।