आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : चंडीगढ़ पुलिस ने क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के भाई और उसके दो साथियों के खिलाफ अदालत के आदेश पर आईपीसी की धारा 174 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान वीरेंद्र सहवाग के भाई विनोद सहवाग, सुधीर मल्होत्रा और विष्णु मित्तल के रूप में हुई है। तीनों दिल्ली के रहने वाले हैं

बद्दी से खरीदते थे बोतल

वीरेंद्र सहवाग के भाई विनोद सहवाग अपने दो पार्टनर सुधीर मल्होत्रा और विष्णु मित्तल के साथ एक जाल्टा फूड एंड बेवरेज नाम की फैक्ट्री चलाते थे। इस फैक्ट्री के लिए वह बद्दी की फैक्ट्री नैना प्लास्टिक से खाली बोतल खरीदते थे। इन बोतलों के बकाया पैसे से के मामले में यह कार्रवाई हुई है।

2022 में अदालत ने किए थे भगोड़ा घोषित

श्री नैना प्लास्टिक फैक्ट्री के मालिक सेक्टर 12 पंचकूला निवासी कृष्ण मोहन ने आरोपियों का दिया हुआ चेक मनीमाजरा बैंक में लगाया था, लेकिन वह चेक बाउंस हो गया था। इसके बाद उसने तीनों के खिलाफ धारा 138 के तहत जिला अदालत में शिकायत की थी। यहां पर तीनों आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने 2022 में तीनों को भगोड़ा घोषित कर दिया था।

हाईकोर्ट ने दिए मुकदमा दर्ज करने के आदेश

अदालत से भगोड़ा घोषित हो जाने के बाद भी चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद पीड़ित ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई थी। याचिका में उसने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश देने की मांग की थी। अब तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।

थाना प्रभारी पर गिरी थी गाज

मनीमाजरा के थाना प्रभारी नीरज सारना को चंडीगढ़ पुलिस ने सोमवार को लाइन हाजिर कर दिया। उन पर आरोप थे कि उन्होंने ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया था। यहां तक की पुलिस के कई आला अधिकारियों के कहने के बावजूद भी उन्होंने यह कार्रवाई नहीं की थी। उनको लाइन हाजिर करने के बाद आईटी पार्क थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर जसपाल सिंह को मनीमाजरा का अतिरिक्त चार्ज सौंपा है।