आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे (कैश फॉर क्वेरी) लेने के आरोपों से घिरीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने लोकसभा की एथिक्स कमेटी पर निशाना साधा है। महुआ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक कार्टून पोस्ट किया है।
इस कार्टून पर लिखा है- जब तक आप दूसरी तरफ (सत्ता पक्ष की तरफ) ना हों, नैतिकता बनाए रखें। कार्टून में एथिक्स कमेटी और महुआ को आमने-सामने बैठे हुए दर्शाया गया हैं। दोनों के बीच सवाल-जवाब को दिखाया गया है।
महुआ के बगल वाली कुर्सी के सामने रूलिंग पार्टी (केंद्र सरकार) लिखा है। कुर्सी पर भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल बना हुआ है। TMC सांसद महुआ के इस पोस्ट को एथिक्स कमेटी पर सीधे हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
एथिक्स कमेटी का दावा- महुआ का अकाउंट विदेश से 47 बार लॉगिन हुआ
दरअसल, कैश फॉर क्वेरी मामले में लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश की है। एथिक्स कमेटी ने 10 नवंबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को अपनी रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में लिखा है कि महुआ मोइत्रा का अकाउंट विदेश से 47 बार लॉगिन हुआ।
TMC सांसद की ओर से संसद में पूछे गए 61 सवालों में से 50 सवाल बिजनेमसमैन दर्शन हीरानंदानी की पसंद के थे। अब यह रिपोर्ट 4 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के विंटर सेशन में लोकसभा में पेश की जाएगी। इसमें महुआ के निष्कासन की सिफारिश को लेकर वोटिंग हो सकती है।
महुआ ने कमेटी के चेयरमैन को बेहूदा और बेशर्म बताया था
एथिक्स कमेटी ने मोइत्रा मोइत्रा से 2 नवंबर को पूछताछ की थी। इस दौरान महुआ पूछताछ बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गईं। महुआ ने कहा कि कमेटी के चेयरमैन विनोद सोनकर ने शब्दों से मेरा वस्त्रहरण (proverbial vastraharan) किया। कमेटी की तरफ से पूछे गए सवाल घटिया और अप्रासंगिक थे। इसके मेरे पास रिकॉर्ड हैं। एथिक्स कमेटी के चेयरमैन बेहूदा और बेशर्म हैं।
क्या है पूरा मामला
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 15 अक्टूबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने महुआ पर आरोप लगाए थे कि महुआ ने संसद में सवाल पूछने के लिए बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे और तोहफे लिए थे। इस मामले को स्पीकर ने एथिक्स कमेटी को भेज दिया।
निशिकांत ने 21 अक्टूबर को महुआ पर एक और गंभीर आरोप लगाया। निशिकांत ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा- कुछ पैसों के लिए एक सांसद ने देश की सुरक्षा को गिरवी रख दिया। मैंने इसे लेकर लोकपाल से शिकायत की है।
उन्होंने कहा कि दुबई से संसद की ID खोली गई, जबकि उस वक्त वो कथित सांसद भारत में ही थीं। इस नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) पर पूरी भारत सरकार है। देश के प्रधानमंत्री, वित्त विभाग, केंद्रीय एजेंसी यहां हैं। क्या अब भी TMC व विपक्षी दलों को राजनीति करनी है। निर्णय जनता का है। NIC ने यह जानकारी जांच एजेंसी को दे दी है।