सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कनाडा के वैंकूवर में बीते कल खालिस्तानियों ने भारतीय दूतावास के बाहर तिरंगा को पैरों तले लेकर अपमान किया। कट्‌टरपंथियों ने भारत विरोधी नारेबाजी कर सिखों को गुमराह किया और अमेरिका में खालिस्तान रेफरेंडम में अधिक से अधिक वोटिंग करने के लिए कहा। तिरंगा का अपमान होता देख इसे रोकने के लिए कनाडाई पुलिस भी आगे नहीं आई। कनाडा में एक महीने में ये तीसरा बार ऐसा प्रदर्शन है।

इन प्रदर्शनों के बाद अभी तक भारत की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन भारतीय जांच एजेंसी NIA इसे लेकर सतर्क है। एक महीने पहले टोरंटो स्थित भारतीय दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान भी खालिस्तानियों ने तिरंगा का अपमान किया था। तिरंगा को सड़क पर बिछाया, उस पर जूते रखे और अंत में उसे आग लगा दी थी।

भारतीय राजनयिक संजय कुमार वर्मा को गिरफ्तार करने की मांग

आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को 140 दिन हो चुके हैं और खालिस्तानी समर्थक लगातार भारतीय राजनयिक संजय कुमार वर्मा को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। खालिस्तानी समर्थक इस दौरान माइक, खालिस्तान के झंडे लेकर भारतीय दूतावास के बाहर पहुंचे।

अमेरिका में कई खालिस्तानी संगठन हो रहे सक्रिय

उधर, अमेरिकी में खालिस्तान के मुद्दे को हवा देने का काम अकेला सिख फॉर जस्टिस (SJF) ही नहीं कर रहा है। अमेरिका में कई नए संगठन तेजी से सक्रिय हुए हैं। वर्ल्ड सिख पार्लियामेंट (WSP) खालिस्तान समर्थक संगठन है, जिसने न्यूयॉर्क में अपनी 5वीं आम सभा में अलग पंजाब की मांग को समर्थन की घोषणा की है।

सिख यूथ फॉर अमेरिका भी एक नया संगठन है, जो खालिस्तान को समर्थन करता है। इसके 200 से ज्यादा मेंबर हैं। अमेरिका में सिख फॉर जस्टिस (SJF) का भारत विरोधी अभियान चरम पर है। SJF ने पंजाब को भारत से अलग देश बनाने के लिए 28 जनवरी को कैलिफोर्निया के सेन फ्रांसिस्को में खालिस्तान रेफरेंडम कराने का ऐलान किया है।

28 जनवरी को सैन फ्रांसिस्को में खालिस्तान के लिए रेफरेंडम

भारत के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे खालिस्तानियों को अमेरिका भी नहीं रोक रहा है। अमेरिका द्वारा भारत पर खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के आरोपों को लेकर पहले ही दोनों देशों के रिश्तों में तनाव है। इसी बीच, कैलिफोर्निया में हो रहे कथित रेफरेंडम को लेकर दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ सकते हैं।

दरअसल, भारत ने 2019 में अलगाववाद का समर्थन करने के लिए सिख फॉर जस्टिस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था। SJF के प्रवक्ता का कहना है कि 28 जनवरी को सैन फ्रांसिस्को में वोटिंग होनी है। इससे पहले, लंदन, जिनेवा और स्विटजरलैंड में 2021, इटली में 2022 में, टोरंटो और ब्रैम्पटन में 2022 में व ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में 2023 में खालिस्तान के लिए रेफरेंडम आयोजित किया गया था।

प्रधानमंत्री मोदी और CM योगी के हिंदू आतंकी होने के लगाए पोस्टर

खालिस्तानियों ने प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ की फोटो के नीचे हिंदू आतंकवादी लिखा। खालिस्तानियों ने कहा कि हरदीप सिंह निज्जर को सोची समझी साजिश के तहत एजेंसियों ने शिकार बनाया है। हरदीप निज्जर के परिवार को वह इंसाफ दिलवाकर रहेंगे।