आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कनाडा के सरे स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर खालिस्तानियों ने बीते रविवार यानी 26 नवंबर को हमला करने की धमकी दी। इससे जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक खालिस्तान समर्थक धमकी देता नजर आ रहा है। ये वीडियो कनाडा में भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य ने ट्वीट किया और सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
कनाडा में इसी साल खालिस्तानियों की तरफ से मंदिर में की गई तोड़फोड़ का ये तीसरा मामला है।
कनाडाई सांसद चंद्र आर्य ने कहा कि पिछले सप्ताह खालिस्तान समर्थकों ने सरे बीसी में एक गुरुद्वारे के बाहर सिख परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया। उसके हफ्तेभर बाद लक्ष्मी नारायण मंदिर पर हमले की धमकी दी जा रही है। ये सबकुछ कनाडा में बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किया जा रहा है। मैं से कनाडाई अधिकारियों से इसमें हस्तक्षेप करने और कार्रवाई करने के लिए कह रहा हूं।
चंद्र आर्य ने कहा कि पिछले कुछ बरसों में हिंदू मंदिरों पर कई बार हमले हुए हैं। हिंदू-कनाडाई लोगों के खिलाफ नफरत की दीवार पैदा करने की कोशिश की जा रही है। ऐसी चीजों को खुले तौर पर और सार्वजनिक रूप से जारी रखने की अनुमति देना स्वीकार्य नहीं है।
3 महीने पहले मंदिर में तोड़फोड़ की थी
3 महीने पहले ही कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में कुछ खालिस्तान समर्थकों ने लक्ष्मी नारायण मंदिर में तोड़फोड़ की थी। उन्होंने मंदिर के मुख्य दरवाजे पर भड़काऊ पोस्टर भी चिपका दिए थे। इन पोस्टर में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की तस्वीर लगी थी।
गौरतलब है कि कनाडा में कुछ महीने पहले हरदीप सिंह निज्जर की सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। कनाडा की सरकार और वहां के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो निज्जर की हत्या के पीछे भारतीय एजेंसियों का हाथ बता चुके हैं।
पहले भी कई बार मंदिरों पर हमले
इसी साल जनवरी में कनाडा के ब्रैम्पटन शहर के हिंदू मंदिर, फरवरी में मिसिसॉगा के राम मंदिर में और ओंटारियो के विंडसर में स्वामी नारायण मंदिर में तोड़फोड़ की गई । मंदिरों में किए जा रहे इन हमलों का मुद्दा कनाडा की संसद में भी उठा लेकिन सरकार या वहां की पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
भारत पर निज्जर की हत्या का आरोप
करीब दो महीने पहले कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो ने अपनी संसद में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद उन्होंने एक भारतीय डिप्लोमैट को देश से निकाल भी दिया था। भारत ने ट्रूडो के बयान को बेतुका बताया था।
ट्रूडो के आरोपों के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा- इसी तरह के आरोप कनाडाई प्रधानमंत्री ने PM मोदी के सामने भी रखे थे, लेकिन उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया गया था। ऐसे निराधार आरोप खालिस्तानी आतंकियों और चरमपंथियों से ध्यान हटाने की कोशिशभर है। ऐसे लोगों को कनाडा में पनाह दी गई है और ये भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए खतरा हैं।
इसके बाद ट्रूडो ने कहा था- हम भारत को उकसाना नहीं चाहते और न ही तनाव बढ़ाना चाहते हैं। हमने कुछ फैक्ट्स सामने रखे हैं। हम चाहते हैं कि इस मुद्दे पर भारत सरकार के साथ काम करें ताकि हर चीज क्लियर हो सके।
18 जून को की गई निज्जर की हत्या
हरदीप सिंह निज्जर अलगाववादी संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स का चीफ था। उसकी कनाडा के एक गुरुद्वारे के बाहर पार्किंग में 18 जून 2023 को बाइक पर दो 2 अनजान लोगों ने हत्या कर दी थी। खालिस्तानियों का दावा है कि इसके पीछे भारत सरकार का हाथ है।