आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप लगे हैं। ये आरोप भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लगाए। जिस बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी ने महुआ को गिफ्ट दिए। उन्होंने एक लेटर लिखकर इसको कबूल भी कर लिया।
जिस पर महुआ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जवाब दिया। महुआ ने लिखा- हीरानंदानी ने जो हलफनामा दिया है वह किसी ऑफिशियल लेटरहेड पर नहीं बल्कि सफेद कागज पर है।
भारत के सबसे सम्मानित/शिक्षित व्यापारियों में से एक वॉइट पेपर पर इस तरह के लेटर पर साइन तभी करेगा जब उसके सिर पर बंदूक रखी गई हो। हीरानंदानी ने कहा था, उनके पास महुआ का लोकसभा का लॉगिन ID और पासवर्ड था। इससे वे खुद ही महुआ की तरफ से सवाल डाल देते थे।
इस पूरे मामले को संसद की एथिक्स कमेटी के पास भेजा जा चुका है और जांच जारी है। उधर महुआ ने दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि की एक याचिका लगाई थी, जिस पर आज ही सुनवाई होनी है।
महुआ मोइत्रा केस से जुड़े 4 किरदार..
- महुआ मोइत्राः अमेरिका में पढ़ीं, लंदन में नौकरी और बंगाल में राजनीति
इस केस की मुख्य पात्र महुआ मोइत्रा हैं, जिन पर सारे आरोप हैं। TMC सांसद महुआ मोइत्रा मूलत: बैंकर हैं। बेसिक एजुकेशन के बाद मोइत्रा हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका गईं। बाद में उनकी नौकरी लंदन के एक प्रतिष्ठित बैंक में लगी। कुछ सालों में उनका नौकरी से मोह भंग हुआ और वे राजनीति में कूदीं। उन्होंने 2016 में पहला चुनाव पश्चिम बंगाल के करीम नगर विधानसभा से जीता था। 2019 में वे TMC के टिकट पर कृष्णनगर से लोकसभा चुनाव लड़ी और जीतीं।
- निशिकांत दुबेः राजनीति में आने से पहले कॉर्पोरेट वर्ल्ड में थे
इस कहानी में दूसरा अहम किरदार भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का है। 15 अक्टूबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने महुआ पर आरोप लगाए थे कि महुआ ने संसद में सवाल पूछने के लिए पैसे और तोहफे लिए थे। गोड्डा झारखंड से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 2009 में राजनीति में कदम रखा था। इससे पहले वे एस्सार ग्रुप में कॉर्पोरेट हेड थे। उन्होंने 2009 में गोड्डा से पहला चुनाव जीता था। इसके बाद 2014 और 2019 में भी जीत हासिल की।
- दर्शन हीरानंदानी: आरोप है कि इनसे पैसे लेकर अडाणी के खिलाफ सवाल पूछती थीं मो
42 वर्षीय दर्शन हीरानंदानी ने एक लेटर लिखकर महुआ पर और आरोप मढ़े हैं। दर्शन मुंबई बेस्ड रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी हीरानंदानी ग्रुप के CEO हैं। उनके पिता रियल एस्टेट टाइकून निरंजन हीरानंदानी हैं। दर्शन डेटा सेंटर, क्लाउड कम्प्यूटिंग, तेल और गैस, लॉजिस्टिक, वेयरहाउस जैसी कई कंपनियों के प्रेसिडेंट हैं, जो हीरानंदानी ग्रुप के अंडर में हैं। दर्शन ने न्यूयॉर्क के रोचेस्टर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से MBA और BSc की डिग्री ली है। हीरानंदानी ग्रुप अडाणी ग्रुप का कॉम्पिटिटर है।