सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क– इंटीग्रेटेड ट्रेड .. न्यूज़ भोपाल: भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) के छात्र—छात्राओं और कर्मचारियों के जीवन में तनाव कैसे कम हो और खुशियों को किस तरह बढ़ाया जाए, इसके लिए संस्थान में एक हैप्पीनेस सेंटर खोला गया है। रेखी फाउंडेशन के सहयोग से शुरू हुए इस हैप्पीनेस सेंटर में कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए एक ‘खुशी और सुख का विज्ञान’ (Science of happiness and wellbeing) नाम से एक कोर्स शुरू किया जाएगा, जो पूरी तरह निशुल्क होगा। रेखी फाउंडेशन के फाउंडर सतिंदर सिंह रेखी और बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव ने बीएमएचआरसी के मनोचिकित्सा विभाग में इस सेंटर का शुभारंभ किया और एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

जल्द ही संस्थान में एक माइंड लैब भी शुरू की जाएगी। आने वाले समय में इस कोर्स को आम लोगों के लिए भी शुरू किया जाएगा। शुक्रवार को ही डॉ रेखी ने ’आपके जीवन को कौन चला रहा है —आप या आपका मंकी ब्रेन’ (Who is running your life – you or your monkey brain) विषय पर बीएमएचआरसी ऑडिटोरियम में एक लेक्चर दिया। लेक्चर को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान समय में तनाव से कोई भी अछूता नहीं है। हम सभी अपनी जिंदगी में तनाव से मुक्ति चाहते हैं और खुश रहना चाहते हैं, लेकिन कई बार ऐसा कर नहीं पाते। खुशी पाने के लिए इसके लिए पीछे छिपे विज्ञान को समझना आवश्यक है। इसी वजह से रेखी फाउंडेशन के सहयोग से यह कोर्स शुरू किया गया है।

अगर लोग खुश रहेंगे तो उनके जीवन में कई बड़े बदलाव आएंगे। वे कार्यस्थल पर बेहतर काम काम कर पाएंगे। इससे उनकी प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी। वे अधिक क्रिएटिव हो सकेंगे और अपने कार्य में आनंद ले पाएंगे। उन्होंने बताया कि वैसे तो बीएमएचआरसी के मनोचिकित्सा विभाग में हैप्पीनेस व इससे संबंधित विषयों पर मरीजों को परामर्श दिया जाता है, लेकिन अब एक अलग सेंटर खुलने से लोग इस विषय के बारे में विस्तार से जान पाएंगे। उन्होंने बताया कि बीएमएचआरसी में अगले वर्ष से एमबीबीएस कोर्स शुरू होने से विद्यार्थियों की संख्या बढ़ जाएगी। ऐसे में यह हैप्पीनेस कोर्स उनके जीवन में आनंद बनाए रखने व उनके मानसिक स्वास्थ्य लिए काफी फायदेमंद होगा।

रेखी फाउंडेशन फॉर हैप्पीनेस के फाउंडर सतिंदर सिंह रेखी ने बताया कि इस कोर्स को शुरू करने का मकसद खुशी के पीछे छिपे विज्ञान को बहुसंख्यक जनता तक पहुंचाना है, ताकि लोग अपने जीवन में खुश रहना सीख पाएं। बीएमएचआरसी में चलने वाले इस सेंटर का पूरा नाम है ‘रेखी सेंटर ऑफ एक्सिलेंस फॉर द साइंस आॅफ हैप्पीनेस’। इस कोर्स को शुरू करने का उद्देश्य खुशी प्राप्त करने की तकनीकों के सिद्धांतों का इस्तेमाल कर छात्रों और शिक्षकों के लिए अनुसंधान, प्रशिक्षण, शिक्षा को बढ़ावा देना है।