सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क– इंटीग्रेटेड ट्रेड .. न्यूज़ भोपाल : भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में अब आधुनिक तरीके से हार्ट फेलियर के मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। बीते दो महीनों में इस बीमारी से जूझ रहे कई गैस पीड़ित मरीजों का कार्डियक रिसिंक्रोनाइजेशन थेरेपी सीआरटी और लेफ्ट बंडल ब्रांच पेसिंग(एलबीबी पेसिंग) के जरिए इलाज किया है। इस दौरान गंभीर रूप से बीमार पांच मरीजों में सीआरटी—डी डिवाइस, जबकि 4 मरीजों में एलबीबी पेसिंग डिवाइस इम्पलांट की गई हैं। ये सभी मरीज गैस पीड़ित हैं। सीआरटी—डी और एलबीबी पेसिंग डिवाइस काफी महंगी होती हैं और इनके इंप्लांट की प्रक्रिया भी काफी जटिल हैं। हालांकि बीएमएचआरसी द्वारा गैस पीड़ित और उनके आश्रित मरीजों को यह डिवाइस निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
बीएमएचआरसी के कार्डियोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर आशीष शंखधर ने बताया कि हार्ट विभिन्न रक्तवाहिकाओं के माध्यम से रक्त को शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचाताा है। इसे हार्ट पंपिंग कहते हैं। किसी भी स्वस्थ व्यक्ति के हार्ट की नॉर्मल पंपिंग कैपेसिटी 60—65 प्रतिशत होती है। अगर यह पंपिंग कैपिसिटी यानी इजेक्शन फ्रैक्शन 42 प्रतिशत से कम हो जाता है, तो यह हार्ट फेलियर की श्रेणी में आता है। इससे मरीज के कार्य करने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है। मरीज की चलने में सांस फूलने लगती है। पेट में दर्द होने लगता है और पैरों में सूजन जैसे लक्षण आते हैं। अगर हार्ट की पंपिंग क्षमता 20 से 25 प्रतिशत तक हो जाती है तो मरीज गंभीर हालत में पहुंच जाता है और उसके कार्डियक अरेस्ट आने का खतरा बढ़ जाता है। सीआरटी—डी और एलएलबी पेसिंग डिवाइस ही ऐसे मरीजों के इलाज के लिए आखिरी विकल्प होता है। डिवाइस लगाने के बाद लक्षणों में काफी सुधार आता है।
अनुकूल रिजल्ट प्राप्त होने पर ही लगा सकते हैं ये डिवाइस
ये डिवाइस भी कार्डियक फेल्यिर के हर मरीज में इम्प्लांट नहीं की जा सकतीं। ये डिवाइस मरीज के लिए पूरी तरह लाभदायक होंगी, यह सुनिश्चित करने के लिए मरीज को कई टेस्ट से गुजरना पड़ता है। सभी टेस्ट में अनुकूल रिजल्ट प्राप्त होने पर ही ये डिवाइस प्रत्यारोपित की जा सकती हैं।
कैसे काम करती हैं ये डिवाइस
सीआरटी और एलबीबी पेसिंग हार्ट में खतरनाक हार्ट रिदम की पहचान करती हैं और एक तेज शॉक देती हैं, जिससे हार्टबीट फिर से चलने लगती है।
क्या होता है हार्ट फेलियर
हार्ट फेलियर एक गंभीर और जानलेवा समस्या है, इसमें हार्ट काम करना बंद कर देता है और वह पर्याप्त ब्लड-ऑक्सीजन पंप नहीं कर पाता। जिसके कारण फेफड़ों में पानी भर जाता है और सांस फूलने लगती है। आंतों में पानी भर जाने से भूख लगना बंद हो जाती है और पूरा मेटाबोलिज्म प्रभावित होता है। हार्ट फेलियर का शिकार होने के बाद अगर सही इलाज नहीं मिलता है, तो हर मरीज को बार—बार अस्पताल में एडमिट होना पड़ता है।
*बीएमएचआरसी गैस पीड़ित मरीजों को अच्छा इलाज देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे लिए मरीज की जान बचाना सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे में जब डॉक्टरों द्वारा बताया गया था कि इन मरीजों की जान बचाने के लिए सीआरटीडी और आरआरबी पेसिंग डिवाइस लगाना आवश्यक है, तो हमने बिना देरी के उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए ये डिवाइस उपलब्ध करवाईं। खुशी है कि ये प्रयास सफल हुए और हमने मरीजों की जान बचाने में सफलता हासिल की।
डॉ मनीषा श्रीवास्तव प्रभारी निदेशक, बीएमएचआरसी,