आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अयोध्या में रामलला की प्रतिष्ठा का निमंत्रण कांग्रेस के अस्वीकार करने से संत समाज नाराज है। धर्म की स्थापना और विधर्मियों को रास्ते पर लाने के लिए संत समाज करेगा धर्म शक्ति आंदोलन। जिसके लिए भोपाल में बुधवार को एक निजी होटल में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। मुंबई के चिद्ध्यानम् आश्रम से आए महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद, भर्तुहरि गुफा उज्जैन के महंत रामनाथ महाराज समेत बड़ी संख्या में साधु संत उपस्थित रहे।

महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद ने कहा पूज्य शंकराचार्य जी के कथनों को तोड़ मरोड़कर भ्रांतियां फैला रहे हैं। एक शंकराचार्य ने तो लिखकर दिया है कि हमारे बारे में गलत जानकारी फैलाई जा रही है। अब ऐसे में इन विधर्मियों को और उनकी चेलो को रोकने तथा धर्म के स्थापना के लिए संत समाज आगे आएगा।

संत अब दर्शक नहीं मार्गदर्शक बनेंगे

महामंडलेश्वर ने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि धर्म की अलख जगाने संत अब गांव-गांव और शहरों तक जाएंगे। संत अब दर्शक नहीं बल्कि मार्गदर्शक बनेंगे। समाज में सनातन के खिलाफ जो भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं उन्हें दुरुस्त करने का काम करेंगे। संतों को इसकी जवाबदारी दी जाएगी। अमरकंटक के मृत्युंजय आश्रम से आए महामंडलेश्वर हरिहरानंद ने कहा कि 2014 से पहले सनातन की कोई बात नहीं करता था। आज माहौल बदला है। राम मंदिर बनने से पूरे देश में भक्ति और उत्सव का वातावरण बना है। अब हर क्षेत्र में सनातन के माहौल को बढ़ाना है। जो भी इसमें बाधाएं आ रही हैं उन्हें दूर किया जाएगा। सभी संत इसमें एकजुट होकर कार्य करेंगे।

छिंदवाड़ा से आई साध्वी सरस्वती ने कहा कि राम मंदिर बन चुका है अब मथुरा और काशी की बारी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सनातन को नष्ट किया जा रहा है। बंगाल की पुण्य धरा पर धर्म की पुनर्स्थापना के लिए संत शक्ति आंदोलन के तहत संत आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में मेरी येदियुरप्पा से बात हुई है। वहां भी संत समाज अपना कार्य करेगा। तमिलनाडु में मंत्री उदयनिधि द्वारा सनातन के खिलाफ दिए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए साध्वी सरस्वती ने कहा कि ऐसे राज्यों पर संत समाज का आंदोलन उग्र होगा और ऐसे विधर्मियों को सबक सिखाया जाएगा।