आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल के चौक बाजार में प्रियंका ज्वेलर्स के मालिक रस्तोगी बंधुओं पर FIR के बाद मुख्य आरोपी राहुल उर्फ अंकित को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे जेवरात और रकम के संबंध में पूछताछ की जा रही है। थाना प्रभारी काशीराम कुशवाहा ने बताया कि आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

फिलहाल आरोपी के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उसके खिलाफ धाराओं में इजाफा करने पर भी विचार कर रही है। राहुल के भाई प्रतीक की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपी मुख्य रूप से महिलाओं को टारगेट करते थे। उन्हें घर में रखे सोने को इन्वेस्ट कर प्राॅफिट देने का झांसा देकर जेवरात हड़प लेते थे।

एक महिला को बनाया फरियादी

पुलिस के मुताबिक बाल विहार, घोड़ा नक्कास में रहने वाली ‎35 वर्षीय रूबी खान ने सर्राफा चौक स्थित प्रियंका‎ ज्वेलर्स पर पैंडल बनवाने के लिए सोना जमा करवाया था। ‎इसकी कीमत 1.45 लाख रुपए थी। प्रियंका ज्वेलर्स का ‎संचालन अंकित उर्फ राहुल रस्तोगी और प्रतीक रस्तोगी करते‎ हैं। पिछले दिनों जब वह सोने का पैंडल लेने के लिए पहुंचीं तो उन्हें प्रियंका ज्वेलर्स पर ताला लगा नजर‎आया। उन्हें वहां और भी कई लोग मिले, जिनका सोना और‎ पैसा लेकर दोनों भाई गायब हो गए थे। पुलिस का कहना है कि ‎बीते तीन दिन में 64 लोग थाने आकर ज्वेलर्स के खिलाफ ‎शिकायत कर चुके हैं। आवेदन आने की संख्या लगातार बढ़ रही है,‎गड़बड़ी की रकम और भी बढ़ सकती है।

एक्स्ट्रा अर्निंग के लालच में सौंपे 10 तोला सोने के जेवर

बुधवारा में रहने वाली सोबिया खान ने बताया कि आरोपी से पिछले पांच साल से संपर्क में थी। उसकी दुकान से अकसर खरीदारी करती थी। लिहाजा, उससे अच्छी बातचीत होती थी। एक साल पहले आरोपी ने निवेश कराने के नाम पर 10 तोला सोना ले लिया। इसके एवज में हर महीने प्रॉफिट देने की बात कही थी। करीब 5-6 महीने तक रस्तोगी बंधु ने प्रॉफिट के नाम पर रकम दी। इसके बाद न जेवरात लौटाए और न ही पैसे दिए। हर बार जल्द रकम देने का झांसा देते थे। भरोसा दिलाने के लिए चेक भी दे दिए थे। जो जेवरात उनके हवाले किए थे, वह मायके से मिले थे। इसके संबंध में किसी को कुछ बताया भी नहीं था।

आरोपियों की मां बोली- पूरी रकम लौटा देंगे

सराय सिकंदरी में रहने वाले अजीम खान ने बताया कि राहुल और प्रतीक से उनका 10 तोला का लेनदेन था। इसकी डील करीब दो साल पहले हुई थी। थोड़ा-थोड़ा कर दोनों भाइयों को रकम दे दी थी। जब चार लाख रुपए से अधिक की रकम चुका दी, तो आरोपी बोले कि आठ दिन में जेवरात की डिलीवरी दे देंगे। उन्होंने सोचा था कि यह सोना वह पत्नी को सरप्राइज गिफ्ट के तौर पर देंगे।

जब जेवरात लेने पहुंचे, तो आरोपियों ने आनाकानी शुरू कर दी। कई दिन तक चक्कर काटे, लेकिन जेवरात नहीं दिए। अचानक दुकान बंद होने की जानकारी मिली। हम दुकान पहुंचे, तो कई लोग पहले से मौजूद थे। वहां आरोपियों की मां मिलीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी का पैसा नहीं डूबने देंगे। सभी का पैसा लौटा दिया जाएगा। इसके बाद अगले ही दिन आरोपियों के सभी मोबाइल नंबर बंद हो गए। तब थाने पहुंचकर शिकायत की।

पुश्तैनी कारोबार है जेवरात बनाना

दोनों आरोपियों के पिता दिवाकर रस्तोगी चौकी इमामबाड़ा के पास रहते हैं। वह आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनाते और मार्केट में सप्लाई करते हैं। इसी के साथ घर से ही सोने चांदी के जेवरात बनाने के कारखाने का भी संचालन करते हैं। उन्हीं साथ दोनों बेटों ने कारोबार सीखा। पहले पिता के बनाए जेवरात की मार्केटिंग कर बेचने का काम किया और बाद में स्वयं का कारोबार शुरू किया।

इन लोगों से की गई ठगी

रोहमा खान, समीर अली, रूबी, जावेद, अजीम खान, फरहाना खान, राना हसन, सादिया खान, शीला लालवानी, नजरीन खान, आफरीन खान, साजिद भाई, शबाना, बाबर अली, सुबहाना बाजी, फराज भाई, यासमीन खान, सादिया शेख, सबिहा खान, शमीम बानो, यमना, शबाना अली, जोहा, फिरदोस फातिमा आदि लोग आरोपियों की ठगी का शिकार हुए हैं।

कितने पढ़े हैं आरोपी

आरोपी प्रतीक 41 साल का है, वह निजी कॉलेज से ग्रेजुएट है। उसकी शादी हो चुकी है। एक बच्चा है। ज्वेलरी बनाने का काम जानता है। पिता के साथ हमेशा से ही सराफा कारोबार में रहा है। फिलहाल पत्नी सहित फरार है।

आरोपी राहुल भी बीकॉम ग्रेजुएट है। 15 साल की उम्र से ही पिता के कारोबार में हाथ बंटाता था। उसे सोने चांदी सहित आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनाना आता है। फिलहाल अविवाहित है। महंगी कारों का शौकीन है।