सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क– इंटीग्रेटेड ट्रेड .. न्यूज़ भोपाल : भोज मुक्त विश्वविद्यालय में राम राज्य की परिकल्पना पर आधारित एक संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए प्रभारी कुलपति रतन सूर्यवंशी ने कहा कि, भारत में संस्कृति एवं दर्शन में सर्वे भवंतु सुखिना, सर्वे संतु निरामया की परिकल्पना की गई है। वास्तव में राम राज्य की परिकल्पना सुशासन से जुड़ी है, भारत ने हमेशा विशाल हृदय एवं त्याग का परिचय दिया है।

हमें राम के व्यक्तित्व को आत्मसात करना चाहिए। उत्तर दायित्व का निर्वहन ही हमें सुशासन की ओर ले जाता है। हम सभी में राम का अंश है और राम से प्रेरणा लेकर हमें अपनी आदतों में सुधार करना चाहिए। वास्तव में सुशासन ही राम राज्य की परिकल्पना है राम सद्गुणों की खान हैं। उन्होंने उपस्थित श्रोताओं से आवाहन किया कि, हमें अपने कर्तव्यों का संवेदनशील होकर पालन करना चाहिए।

यही हमें सुशासन की ओर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि, वर्तमान सरकार की बहुत सारी योजनाएं हैं, जो हमें सुशासन का भान कराती है।
इस संबंध में उन्होंने केंद्र सरकार की 80 करोड लोगों को मुफ्त राशन योजना, आयुष्मान योजना, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और नोटबंदी योजना तथा लाडली बहन योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, यह सब सुशासन और रामराज्य को ही इंगित करते हैं। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री ने कहा है की युवा, महिला, जवान और किसान वर्गों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं, और इसी से राम राज्य आएगा। सूर्यवंशी ने कहा कि, विकसित भारत बनाने के लिए हमें अपनी जिम्मेदारियां को निभाना होगा। इस अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को स्वच्छता अभियान की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई।

कार्यक्रम के मध्य में विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुशील मंडेरिया ने अपने उद्धबोधन में कहा कि, राम बोलने से ही संतुष्टि का भाव आता है। राम हमारी सभ्यता का परिचय भी है। राम सर्वव्यापी हैं, राम नाम में मानवीय अनुभूति होती है। हमें उनके चरित्र एवं व्यक्तित्व का अपने में अनुसरण करना चाहिए। रामराज्य एक जीवन शैली है। हमें उनके चरित्र से जुड़ी संस्कृति को स्वीकार करना होगा। मंडेरिया ने कहा कि, अब वापस वह समय आ गया है, जब हम विश्व विजय की ओर जा रहे हैं।
इस अवसर पर शाजापुर डाइट के प्राचार्य श्रीवास्तव ने कहा कि, राम मर्यादा में रहते हुए पुरुषों में सर्वोत्तम हैं। उनसे हमें श्रम दृष्टि और संभव की भावना को सीखना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के निर्देशक एल.पी. झारिया ने धन्यवाद ज्ञापित करने हुए कहा कि, रामराज्य एक ऐसी सरकार की कल्पना है, जो लोक कल्याणकारी हो। ऐसी सरकार की स्थापना करना जो जन- जन में समानता, न्याय, क्षमता की स्थापना करें। उन्होंने कहा कि, पुराने जमाने में राजा धर्म से नियंत्रित होता था।