आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता रूप में प्रो. वी.के. गुप्ता, विभागाध्यक्ष, गणित विभाग, शासकीय स्नातकोत्तर माधव विज्ञान महाविद्यालय, उज्जैन उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रो. गुप्ता ने, सभागार में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिक को गणित की गहराइयों से परिचित कराते हुए, गणित के फॉर्मूले को समझने और समझाने की पद्धति से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान श्री निवास रामानुजन के जीवन पर आधारित एक वृत्त चित्र दिखाया गया।
प्रो. गुप्ता ने कहा की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिक्षा का भारतीयकरण हुआ है। उन्होंने रामानुजन के बारे में बताते हुए कहा कि, 1911 में रामानुजन ने वृत्त की समस्या का समाधान किया था, जिसे इंडियन मैथमेटिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया। लेकिन उनके प्रतिभा को देखते हुए, हार्डी ने कैंब्रिज विश्वविद्यालय के अध्यादेश में संशोधन करवाया और इंग्लैंड के दोनों सदनों से पास करवाया। रामानुजन ने पार्टीशन ऑफ नंबर की समस्या के समाधान के लिए फॉर्मूला पर शोध किया। इसका इस्तेमाल आजकल बैंकिंग और आईटी सेक्टर में किया जाता है। रामानुजन के शोध हेवी कंपोजिट नंबर पर उन्हें रॉयल सोसाइटी का फेलो मेंबर बनाया था। रामानुजन ने विश्व को अनंत का सिद्धांत दिया है। मंजुल भार्गव ने रामानुजन की थ्योरी पर कार्य करते हुए, ब्लैक होल पर कार्य किया है गुप्ता ने कहा कि, रामानुजन की बहुत सारी गणित को हम अभी भी नहीं समझ पाते हैं। उन्होंने कहा कि, आजकल पासवर्ड, ओटीपी जैसी बहुतायत में इस्तेमाल होने वाली तकनीक रामानुजन के प्राइम नंबर के हल पर ही आधारित है। गुप्ता ने कहा कि , वैदिक गणित को स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति संजय तिवारी ने कहा कि, रामानुजन की गणित ने दुनिया को बदल दिया। वह गणित के प्रति जानूनी व्यक्ति थे। 32 साल की उम्र में उन्होंने 4000 से ज्यादा प्रमेय दिए गए हैं।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा विकसित भारत 2047 के विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी किया गया है। इसमें निबंध प्रतियोगिता भाषण प्रतियोगिता और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये गए।
कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय की वरिष्ठ सलाहकार ,साधना सिंह बिसेन के द्वारा किया गया । अंत में आभार प्रदर्शन विश्वविद्यालय के निदेशक रतन सूर्यवंशी ने किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव अनिल कुमार शर्मा सहित विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।