आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सिक्किम में 3 अक्टूबर को बादल फटने से लहोनक और शाको चू झील टूट गईं। इससे तीस्ता नदी में बाढ़ आई, जिसने मंगन, गंगटोक, पाक्योंग और नामची में तबाही मचाई। बाढ़ के 6 दिन बाद भारतीय सेना राज्य में कनेक्टिविटी बहाल करने में जुट गई है। इस काम में सेना की त्रिशक्ति कॉर्प्स को बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन और ITBP के जवान मदद कर रहे हैं।

तीस्ता की बाढ़ से 25 हजाार लोग प्रभावित हुए हैं। 1200 घर बह चुके हैं। मरने वालों की संख्या 74 हो गई है, जबकि 101 लोग अब भी लापता हैं। सिक्किम में 23 शव मिले, जबकि सेना के 8 जवानों के शव पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में मिले हैं। पश्चिम बंगाल में जलपाईगुड़ी कलेक्टर परवीन शमा ने कहा कि उन्हें बाढ़ में बहकर आए 41 शव मिले हैं।

उधर, राज्य सरकार ने लहोनक और शाको झील पर होने वाली हलचलों पर नजर रखने के लिए इसरो से मदद मांगी है, ताकि एक और आपदा से बचा जा सके।

2600 टूरिस्ट्स की लिस्ट तैयार, सेना ने मेडिकल-फूड और शेल्टर दिया

सबसे ज्यादा बर्बाद हुए चुंगथांग में सेना ने पुल बनाने शुरू कर दिए हैं, ताकि फंसे हुए लोगों और टूरिस्ट्स को निकाला जा सके। सेना ने 63 विदेशी और 2000 देश पर्यटकों की लिस्ट तैयार की है। इनके रेस्क्यू के साथ-साथ इन्हें इलाज, खाना और शेल्टर दिया गया है।

अब तक करीब 600 लोगों को निकाला

सेना ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि सोमवार को मंगन जिले के लाचेन और लाचुंग गांवों में फंसे 600 नागरिकों को एयरलिफ्ट किया गया। मंगलवार को दूसरे दिन लगभग 95 फंसे हुए लोगों को हेलिकॉप्टर से निकाला गया।इनमें विदेशी पर्यटक, स्थानीय लोग और मजदूर भी शामिल हैं। रेस्क्यू में भारतीय वायु सेना के M8, F4, F7, C2, MI17 और चिनूक हेलिकॉप्टर लगे हुए हैं। मंगलवार को भी हेलिकॉप्टर रेस्क्यू के दूसरे दिन फंसे हुए 18 लोगों का पहला बैच मंगन के रिंगिम हेलीपैड पहुंचा।

सिक्किम के मौजूदा हालात

लाचेन में लोग LPG सिलेंडर की कमी का सामना कर रहे हैं। यहां इलेक्ट्रिसिटी भी नहीं है।

तीस्ता बेसिन हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों से भर गया है।

81 प्रवासी श्रमिकों को भी रेगु, टूंग और चुंगथांग से सिलीगुड़ी लाया गया है।

देखिए सिक्किम में चल रहे ऑपरेशन की तस्वीरें…

सेना 5 वीसैट लगाएगी, इसरो कर सकता है निगरानी

सिक्किम के चीफ सेक्रेटरी वीबी पाठक ने सेंट्रल कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा को बताया कि सिक्किम सरकार ने इसरो से लहोनक और शाको चू झील पर निगरानी रखने के लिए इसरो से संपर्क किया है, ताकि एक और आपदा से बचा जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि टेलीकॉम कनेक्टिविटी की कमी के कारण राहत और बचाव कार्यों में परेशानी हो रही है। हालांकि, BSNL कम्युनिकेशन बहाल करने के लिए सेना के साथ 5 वीसैट यूनिट और टेक्नीशियन को हेलिकॉप्टर से लाचेन, लाचुंग, चुंगथांग, चैटन और थेंग में भेजने वाला है।

ऐसा था तीस्ता में आई बाढ़ का मंजर

जब बादल फटा तो झील इतना पानी रोक नहीं पाई। इससे तीस्ता नदी में बाढ़ आ गई। नदी का जलस्तर 15 से 20 फीट तक बढ़ गया। नदी से लगे इलाके में ही आर्मी कैंप था, जो बाढ़ में बह गया और यहां खड़ी 41 गाड़ियां डूब गईं।

10 सेकंड में 13,000 करोड़ के तीस्ता-3 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का 60 मीटर ऊंचा बांध बाढ़ से पूरी तरह बह गया। वहीं, दिखचू, सिंगतम और रांगपो शहर पानी में डूब गए हैं। बाढ़ में सिक्किम को देश से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे NH-10 भी बह गया है।