सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत और श्रीलंका के नेवी शिप गुरुवार को मालदीव की राजधानी माले पहुंच गए। ये शिप यहां मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (MNDF) के साथ नेवी एक्सरसाइज में हिस्सा लेंगे।

खास बात यह है कि माले से कुछ दूरी पर चीन का स्पाय शिप जियांग यांग होंग 03 भी मौजूद है। लोकल मीिडया ‘अधाधु’ की रिपोर्ट के मुताबिक- चीन का स्पाय शिप करीब एक महीने से मालदीव एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में मौजूद है।

मालदीव के चीन समर्थक राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु अपनी इस पॉलिसी को लेकर घिरते जा रहे हैं। संसद में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी चल रही है। संसद में विपक्ष का बहुमत है।

दोस्ती 16 मिलिट्री ड्रिल

मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स ने भारत और श्रीलंका के नेवी शिप यहां पहुंचने की जानकारी सोशल मीडिया पर दी है। इसमें कहा गया- भारत, मालदीव और श्रीलंका यहां जॉइंट नेवी ड्रिल में हिस्सा लेंगे। इसके लिए भारत और श्रीलंका के शिप यहां पहुंच चुके हैं। हम उनका स्वागत करते हैं। यह एक्सरसाइज गुरुवार से रविवार तक चलेगी। ऑब्जर्वर के तौर पर बांग्लादेश को इनवाइट किया गया है।

बयान के मुताबिक- इस एक्सरसाइज का मकसद तीनों देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाना है। हम ये तय करना चाहते हैं कि ड्रिल में हिस्सा लेने वाले देश यहां सभी संभवनाओं की तलाश करें। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा पर भी सहयोग बढ़ाना इस एक्सरसाइज का मकसद है। इसके पहले 2021 में यह नेवी ड्रिल ऑर्गनाइज की गई थी। भारत और मालदीव ने 1991 में पहली बार यह सैन्य सहयोग कार्यक्रम शुरू किया था।

चीन का स्पाय शिप भी माले के करीब पहुंचा

एक तरफ जहां, भारत और श्रीलंका के नेवी शिप यहां मिलिट्री ड्रिल के लिए पहुंचे हैं तो गुरुवार को ही चीन का स्पाय शिप जियांग यांग होंग 03 माले के करीब पहुंच गया। लोकल अखबार ‘अधाधु’ की रिपोर्ट के मुताबिक- चीन का स्पाय शिप करीब एक महीने से मालदीव के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) में मौजूद था और गुरुवार को यहां क्यों पहुंचा, इस बारे में मालदीव सरकार ने कुछ नहीं बताया।

मालदीव सरकार ने तो यह तक नहीं बताया था कि चीनी स्पाय शिप एक महीने तक कहां मौजूद था। इस स्पाय शिप ने 14 जनवरी को चीन से यात्रा शुरू की थी। इसके ठीक एक दिन पहले मालदीव के प्रेसिडेंट मोहम्मद मुइज्जु का चीन दौरा खत्म हुआ था।

रिपोर्ट के मुताबिक- मालदीव के समंदर में इस स्पाय शिप को दूर से नहीं देखा जा सकता, क्योंकि ये किनारे से काफी दूर है। स्पाय शिप का ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिया गया है। लिहाजा, इसकी सही लोकेशन नहीं मिल सकी। हालांकि, ये जरूर कन्फर्म है कि 22 जनवरी को यह इंडोनेशिया में मौजूद था।

कुछ दिन पहले मालदीव की फॉरेन मिनिस्ट्री ने बताया था कि चीन का एक जहाज माले पहुंचने वाला है। हालांकि, तब ये नहीं बताया गया था कि ये स्पाय शिप है या कोई सामान्य जहाज।