आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने पार्टी हेड क्वॉर्टर पहुंचे हैं। पार्टी ने उन्हें शो कॉज नोटिस जारी करके 15 में जवाब मांगा था। जिसके बाद बिधूड़ी ने नड्डा से मिलने का समय मांगा था। सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी ANI ने बताया कि संसद में किए गए अभद्र व्यवहार पर अपनी बात रखेंगे।
स्पेशल सेशन के दौरान लोकसभा में 21 सितंबर को BSP सांसद दानिश अली पर BJP सांसद रमेश बिधूड़ी ने अभद्र टिप्पणी की थी। जिसके बाद से यह विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। विपक्ष भी बिधूड़ी पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।
दानिश का आरोप- BJP मेरी हत्या करवाना चाहती है
इधर, BSP सांसद दानिश अली का कहना है कि भाजपा उनकी लिंचिंग कराना चाहती है। ये लोगों को उकसाकर मेरी हत्या करवाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के नेता झूठ फैला रहे हैं कि मैंने प्रधानमंत्री के बारे में अपशब्द कहे हैं।
दरअसल, भाजपा की तरफ से दानिश अली पर आरोप लगाए जा रहे हैं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने स्पीकर को लेटर लिखा। इसमें कहा गया कि दानिश ने पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। यह सुनकर रमेश बिधूड़ी खुद को रोक नहीं पाए और बसपा सांसद को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया।
इसके बचाव में दानिश ने कहा कि वह इतने गिरे हुए नहीं हैं कि देश के प्रधानमंत्री के लिए गलत भाषा का इस्तेमाल करें। ये आरोप निराधार हैं, मैं इन्हें गंभीरता से नहीं लेता क्योंकि भाजपा-आएसएस में तो ट्रेनिंग ही दी जाती है कि एक झूठ को 100 बार बोलो और उसे सच बना दो।
पीएम के खिलाफ बात सुनकर कोई भी देशभक्त धैर्य खो देगा
स्पीकर को लिखे लेटर में निशिकांत लिखते हैं, दानिश अली ने पीएम मोदी के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का उपयोग किया था। मुझे लगता है कि यह किसी भी देशभक्त जनप्रतिनिधि के लिए अपना धैर्य खोने के लिए काफी है। इसके चलते रमेश बिधूड़ी ने उन्हें वैसा ही जवाब दिया जैसा उन्होंने कहा था।
दानिश का जवाब – मैंने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को बचाने का काम किया
निशिकांत दुबे के आरोपों का जवाब देते हुए दानिश अली ने X (पहले टि्वटर) पर पोस्ट किया, बीजेपी के कुछ नेता एक नैरेटिव चलाने का प्रयास कर रहे हैं कि संसद में मैंने रमेश बिधूड़ी को भड़कया, जबकि सच्चाई यह है कि मैंने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को बचाने का काम किया और सभापति जी को मोदी जी से संबंधित घोर आपत्तिजनक शब्दों को सदन की कार्रवाई से हटाने की मांग की थी।