आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बीजेपी के प्रदेश महामंत्री और सांगानेर से विधायक भजनलाल शर्मा को जब मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा हुई तो विधायक दल की बैठक में मौजूद हर नेता चौंक गया।

भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बारे में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी, लेकिन हाईकमान ने बहुत पहले मन बना लिया था।

बीजेपी हाईकमान को नए चेहरे के तौर पर मुख्यमंत्री के लिए सबसे सूटेबल कैंडिडेट भजनलाल ही क्यों लगे, इसे लेकर भास्कर ने पड़ताल की।

सरपंच बनकर सीखी राजनीति की पाठशाला

एक सरपंच से राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले भजनलाल ने ​सियासत की बारीकियां बहुत पहले सीख लीं। राजनीति की प्राइमरी स्कूल कहे जाने वाले पंचायती राज से सियासत शुरू करने से भजनलाल में ग्रासरूट की बारीकियां आईं। गांव के गरीब के मुद्दों की समझ पैदा हुई। आरएसएस से जुड़ाव के चलते साइलेंट होकर काम करते जाना और अनुशासन में रहना सीखा, यही दो गुण उन्हें यहां तक पहुंचने में काम आए।

भजनलाल को पार्टी ने जो काम बताया वह उन्होंने इतने परफेक्शन से किया कि हर नेता उनसे खुश रहता था। पार्टी के टास्क को 100 परसेंट डेडिकेशन से पूरा करने की जिद ने उन्हें अमित शाह और पीएम मोदी का पसंदीदा बना दिया।

सरकार से लेकर विपक्ष में चार अध्यक्षों के साथ काम, साइलेंट परफॉर्मर

भजनलाल शर्मा के काम को नजदीक से देखने वाले बीजेपी नेता और कार्यकर्ता उन्हें साइलेंट वर्कर के तौर पर जानते हैं। वसुंधरा राजे की सरकार के समय उन्होंने तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, मदन लाल सैनी के साथ महामंत्री के तौर पर काम किया।

जब पार्टी विपक्ष में आई तो सतीश पूनिया, सीपी जोशी के साथ भी काम किया। भजनलाल के कामकाज को नजदीक से देखने वाले एक बीजेपी नेता ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष बदलते गए, लेकिन उन्हें जो काम सौंपा जाता था, उनके डेडिकेशन में कभी कोई कमी नहीं आई।

पार्टी के काम में इतने लीन, महीनों तक तक घर नहीं जाते थे

भजनलाल के कामकाज की शैली और पार्टी संगठन के प्रति निष्ठा को लेकर मौजूदा बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी उनकी तारीफ करते हुए नहीं थकते। सीपी जोशी ने भजनलाल की वर्किंग स्टाइल की तारीफ करते हुए कहा- पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाना कोई अचंभे वाली बात नहीं है।

उन्होंने कहा भजनलाल लंबे समय से पार्टी में काम कर रहे हैं। पार्टी के कामों में इतना लीन रहते कि कई बार तो महीनों तक अपने घर नहीं जा पाते थे। लगातार दौरे करना और हर काम जिम्मेदारी और परफेक्शन के साथ करना उनकी खासियत है। उन्होंने विस्तारक के तौर पर पार्टी का काम किया है, ऐसे गुण हर नेता में नहीं होते हैं।