सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों और समुद्री बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान किया है। भारत ने कहा कि सुरक्षित और भरोसेमंद समुद्री व्यापार मार्ग खाद्य पदार्थों, उर्वरकों, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी हैं। क्षेत्रीय संघर्षों और समुद्री मार्गों में व्यवधान का असर संबंधित क्षेत्रों से कहीं दूर तक वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और खाद्य सुरक्षा पर पड़ सकता है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पार्वथनेनी हरीश ने UNSC की उच्चस्तरीय खुली बहस में भारत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सशस्त्र संघर्षों के कारण ऊर्जा बाजार, उर्वरक आपूर्ति, समुद्री परिवहन, मानवीय लॉजिस्टिक्स और कृषि व्यापार प्रभावित हो रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर उन विकासशील देशों पर पड़ता है जो आवश्यक वस्तुओं के लिए आयात पर निर्भर हैं।

भारत ने सुरक्षा परिषद से संघर्षों के मानवीय प्रभाव को कम करने को तत्काल प्राथमिकता देने की अपील की। इसके लिए सुरक्षित, तेज और निर्बाध मानवीय सहायता सुनिश्चित करने तथा आवश्यक होने पर संघर्ष-विराम संबंधी व्यवस्थाओं को समर्थन देने पर जोर दिया गया। भारत ने यह भी कहा कि प्रतिबंधों सहित सुरक्षा परिषद के उपायों से मानवीय सहायता या वैध खाद्य एवं कृषि व्यापार में अनावश्यक बाधा नहीं आनी चाहिए।

भारत ने समुद्री व्यापार के साथ-साथ वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए घरेलू कृषि उत्पादन बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने और भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स ढांचे को मजबूत करने की जरूरत बताई। भारत ने जलवायु-अनुकूल फसलों और छोटे किसानों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया।

भारत का यह बयान ऐसे समय आया है जब विभिन्न वैश्विक संघर्षों के कारण महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव बढ़ा हुआ है। भारत ने स्पष्ट किया कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा केवल व्यापार का विषय नहीं, बल्कि वैश्विक खाद्य, ऊर्जा और मानवीय सुरक्षा से सीधे जुड़ा मुद्दा है।


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