आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के संदेशखली गांव में ईडी की एक टीम पर शुक्रवार सुबह (5 जनवरी) को हमला किया गया। हमलावरों ने टीम के वाहनों की भी तोड़फोड़ की है। साथ ही सीआरपीए जवानों को खदेड़ दिया।

हमला उस दौरान हुआ जब टीम राशन घोटाला मामले में टीएमसी नेता शेख शाहजहां और बोनगांव के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शंकर आध्या के बोनगांव स्थित आवास पर छापेमारी करने पहुंची थी।

ईडी के अधिकारी के मुताबिक, 200 लोगों की भीड़ ने अचानक टीम को घेरकर हमला किया। हमारे वाहनों में तोड़फोड़ भी की।

अधिकारी के मुताबिक, रेड मारने आई टीम में ईडी के असिस्टेंड डायरेक्टर भी शामिल थे। भीड़ ने उनकी गाड़ी भी तोड़ दी। हालांकि, टीएमसी नेता एस.के शाहजहां को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पहले वन मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक हो चुके हैं गिरफ्तार

ईडी ने कथित राशन घोटाले मामले में 26 अक्टूबर 2023 को ममता सरकार के वन मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक के ठिकानों पर रेड की थी। इसके बाद 27 अक्टूबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। ज्योतिप्रिय मलिक वन मंत्री बनने से पहले खाद्य मंत्री का कार्यभार संभाल रहे थे।

ज्योतिप्रिय की गिरफ्तारी के पहले ईडी ने इसी मामले में चावल मिल मालिक बकीबुर रहमान को गिरफ्तार किया था। 2004 में एक चावल मिल मालिक के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले रहमान ने अगले दो वर्षों में तीन और कंपनियां खड़ी कर लीं थीं।ईडी अधिकारियों के मुताबिक, रहमान ने कथित तौर पर कई सारी शेल कंपनियां बनाईं और पैसे निकाले।

शिक्षक भर्ती घोटाले में अरेस्ट हुए TMC नेता

23 जुलाई 2022 को ED ने कोलकाता के सरकारी आवास से पार्थ बनर्जी को शिक्षक भर्ती घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। पार्थ पर आरोप है कि मंत्री रहते हुए उन्होंने नौकरी देने के बदले गलत तरीके से पैसे लिए। पार्थ की गिरफ्तारी के 5 दिन बाद ममता बनर्जी ने उन्हें कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया था।

पार्थ की करीबी अर्पिता के 2 फ्लैट पर 23 जुलाई और 28 जुलाई को ED ने छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में उनके फ्लैट्स से 49 करोड़ रुपए कैश बरामद हुए थे। फिलहाल दोनों जेल में हैं।

ED टीम पर हुए हमले पर बोले बीजेपी नेता

ED टीम पर हुए हमले पर बीजेपी नेता अनिर्बान गांगुली ने कहा कि आज जो हुआ है ऐसा कभी नहीं हुआ। यह एक गंभीर मुद्दा है। मैं पहले भी कहा है शाहजहां शेख सार्वजनिक शांति के लिए खतरा हैं। दक्षिण-24 परगना में उन्हें खुली छूट दी गई है। शेख अवैध गतिविधियां करते हैं और कानून-व्यवस्था को कंट्रोल करते हैं।

वहीं, इस घटना पर बीजेपी नेता केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने कहा कि संदेशखली में जो हुआ मैं उसकी निंदा करता हूं। किसी राज्य में जा रही केंद्रीय एजेंसी पर हमले से ज्यादा अपमानजनक कुछ नहीं हो सकता। यह सिर्फ टीम पर हमला नहीं है बल्कि पूरे संविधान, देश के संघीय ढांचे पर पर हमला है। पश्चिम बंगाल में ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। हम जांच करेंगे कि ऐसा क्यों हो रहा है। जब किसी राज्य में ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं तो इससे पता चलता है कि राज्य सरकार कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में विफल हो रही है।