आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अयोध्या में 11 नवंबर यानी आज शाम 7वीं बार दीपोत्सव होगा। राम की पैड़ी के 51 घाटों पर 21 लाख दीपक जलाए जाने का विश्व रिकॉर्ड बनाना है। इसके लिए 24 लाख दीपक बिछाए गए हैं। इससे पहले आज सुबह रामायण के प्रसंग पर आधारित झांकी निकाली गई। इस दौरान बारिश भी शुरू हो गई। कलाकर बारिश में भीगते नृत्य करते दिखे। पिछली बार सरयू तट पर 15 लाख 76 हजार दीप जलाने का रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में दर्ज है।

दीपोत्सव से पहले आज शाम भगवान श्रीराम, मां सीता और भाई लक्ष्मण के स्वरूप पुष्पक विमान से रामकथा पार्क में उतरेंगे। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ वहां पर मौजूद रहेंगे। वे फूल बरसाकर उनका स्वागत करेंगे। उनकी आरती भी उतारेंगे।

झांकियों में राम जन्म से लेकर राम राज्य अभिषेक तक की यात्रा

अयोध्या में आज 19 झांकियां निकाली गईं। झांकियों के जरिए भगवान राम के जन्म काल से लेकर राम राज्य अभिषेक तक की यात्रा दिखाई गई है। इसमें रामायण कालीन शिक्षा, दक्षिण से लेकर उत्तर तक के लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम, सुरक्षा, भयमुक्त समाज, बच्चों का अधिकार, बेसिक शिक्षा, राम-सीता विवाह, बेटियों की शादी के लिए सरकार द्वारा की जा रही व्यवस्था, मिशन शक्ति, नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, महिला हेल्पलाइन नंबर, वन और पर्यावरण, रामेश्वरम सेतु, पुष्पक विमान, बेहतर हवाई यात्रा कनेक्टिविटी, केवट प्रसंग, बेहतर कानून व्यवस्था, शबरी-राम मिलाप, लंका दहन, भू माफिया के खिलाफ कार्रवाई आदि का संदेश दिया गया।

आज निकाली गई झांकी की 10 तस्वीरें…

लाइट एंड साउंड शो के जरिए रामायण पर आधारित प्रसंग दिखाए जाएंगे

राम की पैड़ी पर 200X60 फीट के स्क्रीन पर लाइट एंड साउंड शो के जरिए रामायण पर आधारित प्रसंग दिखाए जाएंगे। इस दौरान करीब 50 देशों के राजदूत दीपोत्सव के गवाह बनेंगे। 25 हजार से अधिक वालंटियर्स की ओर से 16X16 दीपक का ब्लॉक बनाया गया है। इसमें हर ब्लॉक में 256 दीपक सजाए गए हैं। एक वालंटियर 85 से 90 दीए जलाएगा।

शनिवार को सुबह 10 बजे से पर्यवेक्षक, घाट प्रभारी, समन्वयक और गणना वालंटियर्स की देखरेख में 24 लाख से अधिक दीए में तेल और बाती लगाने का काम शुरू हो जाएगा। जो शाम करीब 6 बजे तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड टीम सभी घाटों पर ड्रोन के जरिए दीपों की गणना करेगी। गणना पूरी होने के बाद रिकार्ड की घोषणा होगी।

यहां देखें दीपोत्सव की तैयारियों से जुड़ी 8 खास तस्वीरें

घाटों पर 12 पर्यवेक्षक, 95 घाट प्रभारी, 1000 से ज्यादा समन्वयक

अवध विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ विजयेन्दु चतुर्वेदी ने बताया, “दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी वालंटियर्स और पदाधिकारी दीपोत्सव पहचान-पत्र के साथ घाटों पर मौजूद हैं। इसके अलावा सभी वालंटियर्स को सूती ड्रेस में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

घाटों पर 12 पर्यवेक्षक, 95 घाट प्रभारी, 1000 से अधिक समन्वयक नियुक्त किए गए हैं। राम की पैड़ी को दीपोत्सव के लिए रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया रहा है। जिससे रात्रि में राम की पैड़ी का नजर ही कुछ और नजर आ रहा है।”